फसल खरीद के नाम पर एक और घोटाले को अंजाम दे रही है बीजेपी सरकारः पूर्व सीएम हुड्डा

नारायणगढ़, बराड़ा, अंबाला मंडियों में दौरा कर लिया खरीद व्यवस्था की जायजा।

फसल खरीद के नाम पर एक और घोटाले को अंजाम दे रही है बीजेपी सरकारः पूर्व सीएम हुड्डा

नारायणगढ़/बराड़ा (अंबाला), गिरीश सैनी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार फसल खरीद के नाम पर सिर्फ घोटाले करती है। इसी तरह गेहूं-सरसों खरीद के नाम पर एक और घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। सरकार गेहूं और सरसों की खरीद करने की बजाय किसानों पर एक के बाद एक अजीबो-गरीब शर्तें थोप रही है। कभी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, फिर गेट पास, बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर नंबर, वेरिफिकेशन और गारंटर जैसी शर्तें थोपी जा रही हैं और किसानों के साथ अपराधियों सा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर सरकार की कोशिश है कि किसानों को इसी सब में उलझाकर रखा जाए, ताकि उनकी फसल खरीदनी ही न पड़े। कांग्रेस शासन काल में भी फसल खरीद होती थी, कभी किसान को कोई परेशानी नहीं हुई।

पूर्व सीएम हुड्डा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र के साथ पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ सांसद वरुण मुलाना, विधायक निर्मल सिंह, विधायक अकरम खान, विधायक रामकरण काला, विधायक पूजा मुलाना, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दुष्यंत चौहान सहित कई पार्टी नेता मौजूद रहे।

हुड्डा ने कहा कि राज्य सभी चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को अखलाक के आधार पर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने सिर्फ पार्टी को धोखा नहीं दिया, बल्कि उस जनता को भी धोखा दिया है, जिसने उन्हें भाजपा के खिलाफ चुनकर विधानसभा भेजा था।

क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर टिप्पणी करते हुए प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने भी कहा कि सभी पर सख्त कार्रवाई होगी।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में हुड्डा ने कहा कि वो लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं। यहां भी उन्होंने किसानों, मजदूरों व आढ़तियों से मुलाकात की है। किसानों ने मंडी में फैली अव्यवस्थाओं के बारे में बताया है, जिसे लेकर हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पिछले सीजन में सरकार ने धान खरीद में घोटाला किया, फिर आलू खरीद में और अब गेहूं व सरसों में भी ऐसी साजिशें साफ नजर आ रही हैं। यानी बीजेपी सरकार किसानों को लूटने का एक भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती। एक तरफ सरकार का अत्याचार और ऊपर से मौसम की मार, किसान बीच में पिस कर रह गए हैं। लगातार हो रही बेमौसमी बारिश के चलते किसानों की खड़ी फसल खराब हो गई है। ऐसे में सरकार को तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर उन्हें मुआवजा देना चाहिए। और किसानों को प्रति क्विंटल बोनस देना चाहिये, लेकिन ऐसा करने की बजाए सरकार में बैठे मंत्री बचकाने बयान दे रहे हैं कि बारिश की वजह से पैदावार बढ़ जाएगी