डिग्री के साथ कम्युनिकेशन और प्रोफेशनल स्किल्स भी जरूरी
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के सेंटर फॉर बायो इंफॉर्मेटिक्स, सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी और जैव रसायन विभाग द्वारा आयोजित एक सप्ताह का एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स ट्रेनिंग प्रोग्राम संपन्न हो गया। कार्यक्रम महिंद्रा प्राइड क्लासरूम, नंदी फाउंडेशन और सेंटर फॉर करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट (सीसीपीसी) के सहयोग से आयोजित किया गया।
समापन सत्र में सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन की निदेशक प्रो. राजेश धनखड़ मुख्य अतिथि रही, जबकि सीसीपीसी निदेशक प्रो. दिव्या मल्हान विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रही। सेंटर फॉर बायोइनफॉर्मेटिक्स की निदेशक डॉ. महक डांगी ने स्वागत किया।
प्रो. धनखड़ ने कहा कि प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अकादमिक डिग्री और विषय ज्ञान पर्याप्त नहीं है। संचार कौशल, आत्मविश्वास और प्रोफेशनल व्यवहार विद्यार्थियों को रोजगार के लिए बेहतर तैयार करते हैं। उन्होंने नियमित अभ्यास और आत्म मूल्यांकन से कौशल निखारने का आह्वान किया।
प्रो. मल्हान ने कहा कि रोजगारपरक प्रशिक्षण अकादमिक शिक्षा और कार्यस्थल की जरूरतों के बीच की दूरी कम करता है। विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन, इंटरपर्सनल, प्रेजेंटेशन, लीडरशिप और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स पर भी ध्यान देना चाहिए।
प्रशिक्षक रविंदर सिंह ने प्रतिभागियों को प्रभावी संचार, टीमवर्क, आत्मविश्वास, प्रेजेंटेशन और इंटरव्यू की तैयारी का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। समापन पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान डॉ. हरिमोहन, डॉ. मोनिका मिगलानी, प्रो. ऋतु पसरीजा सहित शिक्षक मौजूद रहे।

Girish Saini 

