डेंटल सर्जनों के लिए कौशल वृद्धि और रोजगार अवसरों पर शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित
रोहतक, गिरीश सैनी। पीजीआईडीएस, रोहतक में डेंटल सर्जनों के लिए कौशल वृद्धि और रोजगार के अवसरों पर एक व्यापक शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य युवा डेंटल पेशेवरों को उभरते करियर के अवसरों और दंत चिकित्सा के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में उन्नत पेशेवर कौशल विकसित करने के महत्व बारे मार्गदर्शन करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने वरिष्ठ संकाय सदस्यों और क्लोव डेंटल के प्रतिनिधियों के साथ दीप प्रज्वलित कर किया।
ले. जर्नल डॉ. विमल अरोड़ा ने अपने संबोधन में बीडीएस और एमडीएस उपरांत उपलब्ध विविध करियर अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा अब पारंपरिक क्लिनिकल प्रैक्टिस से आगे निकल गई है और इसमें विभिन्न इंटरडिसिप्लिनरी और तकनीकी रूप से संचालित अवसर शामिल हैं।
प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने बताया कि इस दौरान डेंटल पेशेवरों के लिए सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑर्थोडोंटिक ट्रीटमेंट प्लानिंग, पैथेंट कम्युनिकेशन, इंफेक्शन कंट्रोल, और मेडिकल जुरिस्प्रूडेंस जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा की गई। डॉ मंजूनाथ ने बताया कि प्रतिभागियों ने डेंटल सर्जनों के लिए उपलब्ध करियर अवसरों और पेशेवर विकास के महत्व के बारे में अहम समझ प्राप्त की। इस दौरान संकाय सदस्य, वरिष्ठ रेजिडेंट, पीजी छात्र, इंटर्न, और अंतिम वर्ष के बीडीएस छात्र मौजूद रहे।

Girish Saini 

