कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा द्वारा फ्लैग ऑफ के साथ –अभिव्यंजना संपन्न

अंतिम दिन भी अवलोकन के लिए उमड़े दर्शकों ने सराही छात्रों की रचनात्मकता।

कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा द्वारा फ्लैग ऑफ के साथ –अभिव्यंजना संपन्न

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक में जारी आठ दिवसीय कला प्रदर्शनी -अभिव्यंजना रविवार को संपन्न हुई। कला, संस्कृति व रचनात्मकता के अनूठे संगम के रूप में इस प्रदर्शनी ने गणमान्य हस्तियों सहित शहर के कला प्रेमियों, छात्रों, शिक्षकों व अन्य लोगों को आकर्षण में बांधे रखा। रविवार को कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने बतौर मुख्य अतिथि, फ्लैग ऑफ के साथ प्रदर्शनी का औपचारिक समापन किया।

फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के छात्रों की वार्षिक कला प्रदर्शनी का 11वां संस्करण -अभिव्यंजना आठ मई तक आयोजित होनी थी, लेकिन कला प्रेमियों व दर्शकों के उत्साह को देखते हुए इसे दो दिन और बढ़ा दिया गया था। अंतिम दिन एमडीयू, रोहतक के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक एवं निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, एमडीयू के मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. दीप्ति हुड्डा सहित अन्य गणमान्य जन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और छात्रों का हौसला अफजाई की।

समापन अवसर पर कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने अपने संबोधन में आयोजन की सराहना की और फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के सभी स्टाफ सदस्यों व छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि छात्रों की प्रतिभा, कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच का जीवंत उदाहरण रहा। इस दौरान फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार सहित स्टाफ सदस्य और छात्र मौजूद रहे।

कुलपति डॉ. अमित आर्य ने इस सफल आयोजन के लिए सभी स्टाफ सदस्यों और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी छात्रों की सालभर की मेहनत और रचनात्मकता का शोकेस होती है। उन्होंने कहा कि विवि द्वारा हर साल छात्रों को ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाता है, जहां वे अपनी कला व विचारों को समाज के सामने प्रस्तुत कर सकें। फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के अंतर्गत आने वाले एप्लाइड आर्ट, पेंटिंग, प्रिंट मेकिंग, स्कल्पचर, एनिमेशन और फाउंडेशन विभागों के 300 से अधिक छात्रों की दो हजार से ज्यादा कलाकृतियां इस प्रदर्शनी का हिस्सा बनीं, जिनमें पेंटिंग, इंस्टॉलेशन, स्केच, डिजिटल आर्ट, मूर्तिकला, प्रिंट आर्ट और कई इनोवेटिव आर्टवर्क शामिल रहे।