आपके जाने के बाद
आपके जाने के बाद
सब कुछ बदल गया है
मैं अब खामोशी के साथ
बाहर निकलता हूं,
तो कोई यह नहीं पूछता
कि कब आओगे ।
या यह भी नहीं
कि कुछ पहले
ही आ जाना ।
आपके जाने के बाद
दीवार पर टंगी
आपकी तस्वीर
देखकर बाहर
निकलता हूं।
लेकिन हर बार
सिर्फ सन्नाटा
और भारीपन
मिलता है।
आपके जाने के बाद
आफिस निकलते
समय मैं
तैयार होकर
अनायास ही
बालकनी की ओर
देख लेता हूं ।
वहां दिखाई
देती है, आपकी
वो खाली कुर्सी
और मेरे मन
तथा आंखों की
खामोशी ।
आपके जाने के बाद
अब जब भी मैं
घर लौटता हूं,
दरवाजे पर अक्सर
मन में आता है
कि आप घर में
बैठे होंगे,
लेकिनअगले ही
क्षण मन भारी
हो जाता है
यह याद कर कि
आप नहीं हैं ।
आपके जाने के बाद
जब भी मैं घर में
प्रवेश करता हूं
नजरें आपकी
तस्वीर पर जाती है
और --
लगता है कि आप
अभी आवाज देंगे।
मैं पलटकर देखूंगा,
और आप
मुस्कुराते हुए
कहेंगे—"आ गए ।"
आपके जाने के बाद
अब आपकी आवाज
नहीं आती है ।
अब कोई यह नहीं
कहता कि कुछ
पहले ही आ जाना।
खामोश नजरें
और भारी मन के साथ
अब भी घर आने पर
आपके बिस्तर पर
जा कर बैठ जाता हूं।
और आपसे
बात करने की
नाकाम कोशिश
करता रहता हूं ।
आपके जाने के बाद
घर की खामोशी
भी बदल गई है।
पहले यह
सुकून देती थी,
लेकिन अब यह
भीतर तक चुभती है।
अब मन के साथ-साथ
सब कुछ
भारी लगता है।
फूल भी, जो
सबसे हल्का है।
बचपन से सुनता
आ रहा हूं कि
फूल बेहद हल्के
और कोमल होते हैं ।
आपके जाने के बाद
दीवार पर टंगी
आपकी तस्वीर
पर जब पहली बार
माल्यार्पण किया,
तो--
उस दिन समझ आया
कि फूल इतने
भारी हो सकते हैं
और कठोर भी ।
टी शशिरंजन
City Air News 


