हिंदी के प्रकाशक व लेखक डा संजीव कुमार व क्षितिज के संस्थापक सतीश राठी का निधन
कमलेश भारतीय
हिसार। नोएडा के इंडिया नेटबुक्स के प्रकाशक व डेढ़ सौ से ऊपर पुस्तकों के रचयिता डा संजीव कुमार नहीं रहे। वे प्रतिवर्ष साहित्यकारों को सम्मानित भी करते थे। वे बाथरूम में अचेतावस्था में मिले और अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने उनके न रहने की जानकारी दी। वे अनवरत पत्रिका का संपादन भी करते रहे। तीन वर्ष पहले वे डा प्रेम जनमेजय के साथ साहित्यिक समारोह में आये थे।
इंदौर में लघुकथा को समर्पित संस्था व प्रकाशन क्षितिज के सतीश राठी भी विदा हो गये। वे भी क्षितिज वार्षिक संकलन के साथ साथ लघुकथाकारों को सम्मानित करते रहे । क्षितिज सम्मान को प्रतिष्ठा मिली थी और घोषणा का इंतज़ार रहता था । स्वयं भी अच्छे लघुकथाकारों में उनका नाम था।
दोनों साहित्यकारों के जाने से हिंदी साहित्य को जो क्षति हुई है, वह अपूरणीय है। दोनों रचनाकारों को `पाठक मंच' व `सिटी एयर न्यूज़' की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि। अनेक संस्थाओं ने श्रद्धांजलि दी है।

Kamlesh Bhartiya 

