लवणीय कृषि भूमि में सुधार के लिए कलानौर कलां व माडौधी में करीब साढ़े चार करोड़ से स्थापित होगा वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टमः डीसी सचिन गुप्ता
सोलर आधारित ट्यूबवेल 3000 एकड़ भूमि को लाभ पहुंचाएंगे।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि कलानौर कलां तथा माडोदी जाटान-रागडान क्षेत्र (लवणता) से प्रभावित कृषि भूमि के सुधार हेतु लगभग साढे चार करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम लागू करते हुए भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे जमीन के भीतर जमा खारे पानी को बाहर निकाला जा सकेगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि गांव कलानौर कलां और माडोदी जाटान-रागडान की क्रमश: 1500-1500 एकड़ कृषि भूमि में लवणता की गंभीर समस्या है तथा भूमिगत पानी भी खारा है, जिस कारण इन क्षेत्रों में फसलों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गेहूं कटाई सीजन के बाद इन दोनों गांवों में 20-20 सोलर आधारित ड्रेनेज ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। इन ट्यूबवेल के माध्यम से भूमिगत खारे पानी को निकालकर ड्रेन में डाला जाएगा। इस प्रणाली से जहां भूजल स्तर नियंत्रित होगा, वहीं मिट्टी में नमक की मात्रा भी कम होगी, जिससे भूमि की उर्वरक क्षमता में सुधार आएगा और कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
उपायुक्त ने भूमि की सेहत सुधारने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिला की कृषि भूमि में ऑर्गेनिक कार्बन एवं अन्य पोषक तत्वों की कमी पाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लगभग एक प्रतिशत भूमि में फास्फोरस की कमी, 14 प्रतिशत भूमि में जिंक की कमी तथा 30 प्रतिशत भूमि में आयरन की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक उपायों को अपनाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि किसान प्रत्येक वर्ष कम से कम एक बार केंचुआ खाद, गोबर की खाद तथा बायोगैस स्लरी का उपयोग करें। इसके अलावा खरीफ फसल से पहले ढैंचा, जंतर या मूंग जैसी हरी खाद वाली फसलों को खेत में मिलाकर उपयोग करें, ताकि मिट्टी में पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए तथा किसानों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए, ताकि वे आधुनिक तकनीकों और जैविक उपायों को अपनाकर अपनी भूमि की उत्पादकता बढ़ा सकें। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की तथा किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
बैठक में मंडल मृदा संरक्षण अधिकारी नीना सहवाग, उप कृषि निदेशक सुरेंद्र सिंह, जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के एसडीओ डॉ. नरेंद्र दहिया, डीएसओ संदीप सिंह, महम के मत्स्य अधिकारी राकेश कुमार, दलबीर सिंह, मोहित कुमार व कमल सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

