डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसरों को अपनाने के लिए किया प्रेरित

महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन की वार्षिक आम सभा आयोजित।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसरों को अपनाने के लिए किया प्रेरित

करनाल, गिरीश सैनी। स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ और महिला सशक्तीकरण के आधार बन रहे हैं। महिलाएं संगठित होकर जिस प्रकार मेहनत और लगन से कार्य कर रही हैं, वह न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। ये बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय, असंध में नई लहर महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन की वार्षिक आम सभा में बतौर मुख्य अतिथि महिलाओं को संबोधित करते हुए कही।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाना, उनके कार्यों को प्रोत्साहित करना तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा। खंड प्रोग्राम मैनेजर ओमपाल सिंह तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा डॉ. चौहान का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

डॉ चौहान ने समूह की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव का रूप लेते हैं और आज स्वयं सहायता समूह इसका जीवंत उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने महिलाओं को अपने कार्यों को और अधिक विस्तार देने, नए-नए स्वरोजगार अपनाने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. चौहान ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे समय का महत्व समझें, अपनी योजनाओं को व्यवस्थित करें और अपने प्रयासों में निरंतरता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होती हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगता है। महिलाओं को अपने कार्यों को बढ़ाने और स्वरोजगार के नए अवसरों को अपनाने के लिए विशेष रूप से प्रेरित करते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि जैसे लिज्जत पापड़ के माध्यम से महिलाओं ने देशभर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, उसी प्रकार केरल की महिलाएं भी अपने उत्पादों के माध्यम से देश-विदेश में नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं संगठित होकर कार्य करें तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।

खंड प्रोग्राम मैनेजर ओमपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर करना है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे अपने कौशल का बेहतर उपयोग कर सकें।

अंत में डॉ चौहान ने विश्व वन दिवस की बधाई दी और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस दौरान पंच रिंकल राणा, सुभाष, नई लहर फेडरेशन से अध्यक्ष पूनम रानी चोचड़ा, नई दिशा  फेडरेशन से अध्यक्ष बबिता सालवन, पिंकी, उर्मिला, रीना, सीमा, प्रियंका, सोनिया, कविता, सुमन, रेनू, चंद्र मोहन सहित अन्य गणमान्य जन व महिलाएं मौजूद रही।