ग्रामीण विकास का सबसे सशक्त मंच है ग्राम सभाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ है, जो गांव स्तर पर लोगों को निर्णय लेने का अधिकार प्रदान करती है। ये बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉक्टर वीरेंद्र सिंह चौहान ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर कलसी की ग्राम सभा को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए कही।
डॉ चौहान ने ग्राम सभा को ग्रामीण विकास का सबसे सशक्त मंच बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित होती है। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीणों को ग्राम सभा में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए, ताकि विकास योजनाएं उनकी जरूरतों के अनुरूप बन सकें और उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
पंचायती राज दिवस के महत्व पर उन्होंने कहा कि ये दिवस हमें लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने और स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है। इस दिन का उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंचायती राज मंत्री कृष्ण लाल पंवार के नेतृत्व में पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में विस्तार किया गया है और उनकी आर्थिक शक्तियां भी बढ़ाई गई है। अपने क्षेत्र में सतत् विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बढ़िया काम करने वाली ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पंचायत योजना के तहत सम्मानित करने की तैयारी पंचायत विभाग ने कर ली है।
डॉ चौहान ने कहा कि पंचायती राज दिवस पर कलसी की ग्राम पंचायत हर जरूरतमंद निवासी को केंद्र और राज्य सरकार की हर उस योजना का लाभ दिलवाने का संकल्प ले जिसके वे हकदार है।
कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के वरिष्ठ सलाहकार गुरबिंदर सिंह के संयोजन में हुआ। इस दौरान
सरपंच साहिल कुमार, ग्राम सचिव सुभाष, आंगनवाड़ी वर्कर सुखविंदर कौर, माया देवी, पंचायत सदस्य शीशपाल सहित अन्य ग्रामवासी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

Girish Saini 

