एमडीयू में रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस, विभागों में चला सघन जागरूकता अभियान

एमडीयू में रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस, विभागों में चला सघन जागरूकता अभियान

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में रैगिंग के खिलाफ सघन जागरूकता अभियान चलाया गया। विभिन्न विभागों में विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने एंटी-रैगिंग शपथ लेकर सुरक्षित, सम्मानजनक और रैगिंग-मुक्त परिसर बनाने का संकल्प लिया।

प्रॉक्टर प्रो. रणदीप राणा ने कहा कि विवि में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति है। रैगिंग में संलिप्त पाए जाने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसी किसी भी घटना को छिपाने के बजाय तत्काल प्रशासन को सूचित करने की अपील की।

सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज में रैगिंग को कहें ना- सम्मान, गरिमा एवं सुरक्षित परिसर विषय पर क्विज प्रतियोगिता हुई। विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने भारतीय सांकेतिक भाषा में एंटी-रैगिंग शपथ ली। निदेशिका प्रो. प्रतिमा देवी और अतिरिक्त निदेशक प्रो. योगेंद्र सिंह ने रैगिंग-मुक्त वातावरण का आह्वान किया।

जूलॉजी विभाग में जागरूकता कार्यशाला के दौरान स्लोगन राइटिंग और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं हुई। एंटी-रैगिंग डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। बॉटनी विभाग में विद्यार्थियों व शोधार्थियों को रैगिंग के कानूनी, मानसिक और शैक्षणिक दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा पोस्टर व स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित हुई।

मनोविज्ञान विभाग में लघु फिल्म प्रदर्शन और स्लोगन राइटिंग के जरिए विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। केमिस्ट्री विभाग में जीरो टॉलरेंस नीति और अनुशासन पर चर्चा हुई। अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभाग में पोस्टर मेकिंग व स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई।

जेनेटिक्स विभाग में विद्यार्थियों ने रैगिंग से दूर रहने और किसी घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने का संकल्प लिया। सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी में स्लोगन राइटिंग, भाषण और शपथ कार्यक्रम हुए।

विधि विभाग में एडवोकेट डॉ. विजय कौशिक ने रैगिंग से जुड़ी अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। यूजीसी एवं एमएचआरडी की जागरूकता वीडियो भी प्रदर्शित की गई। पर्यावरण विज्ञान विभाग में जागरूकता वीडियो, संवाद सत्र और स्लोगन प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। विभागीय शिक्षकों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने भी एंटी-रैगिंग शपथ ली।