गुणवत्ता के दम पर बनेगा विकसित हरियाणाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

प्रशिक्षु अभियंताओं से तकनीकी मानकों और गुणवत्ता परीक्षण को जमीनी स्तर पर लागू करने का आह्वान किया।

गुणवत्ता के दम पर बनेगा विकसित हरियाणाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि ग्रामीण विकास कार्यों की सफलता केवल निर्माण पूरा करने में नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन में निहित है। विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रत्येक तकनीकी अधिकारी की अहम जिम्मेदारी है। वे एचआईआरडी में गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

डॉ. चौहान ने कहा कि जापान अपनी तकनीक और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। इसी तरह विकसित भारत और विकसित हरियाणा की पहचान भी उच्च गुणवत्ता वाले विकास कार्यों से होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्य सीधे आमजन के जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि तकनीकी अधिकारियों की सजगता और दक्षता से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने प्रशिक्षु अभियंताओं का आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण को महज औपचारिकता न मानें, बल्कि तकनीकी ज्ञान और दक्षता बढ़ाने के अवसर के रूप में लें। नए तकनीकी मानकों, गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रियाओं और आधुनिक कार्यप्रणाली को जमीनी स्तर पर लागू करना ही प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता है।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील मेहता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायती राज विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं को विकास कार्यों में गुणवत्ता आश्वासन, तकनीकी निरीक्षण, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन की व्यावहारिक जानकारी देना था।

हिपा के प्राचार्य ए.सी. शर्मा ने कहा कि तकनीकी अधिकारियों के निरंतर क्षमता-वर्धन से विकास कार्यों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली में सुधार संभव है। तकनीकी गुणवत्ता आश्वासन प्रमुख विपिन शर्मा, कंसल्टेंट शंकर जिंदल, आर.के. अरोड़ा और ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर पूजा वोहरा ने गुणवत्ता मानकों, निरीक्षण प्रक्रिया, तकनीकी परीक्षण और निगरानी से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी।

इस दौरान सहायक आचार्य संदीप भारद्वाज, कनिष्ठ अभियंता तन्नू यादव, दीपक, सुमित व रितु सहित पंचायती राज विभाग के अन्य अभियंता, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।