लोकल उत्पादों को ग्लोबल ब्रांड बनाएं युवाः वीसी प्रो. मिलाप पूनियाँ

एमडीयू में ‘वोकल फॉर लोकल’ पर मंथन, स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर

लोकल उत्पादों को ग्लोबल ब्रांड बनाएं युवाः वीसी प्रो. मिलाप पूनियाँ

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने युवाओं से स्थानीय उत्पादों, तकनीक और प्रतिभा को वैश्विक पहचान दिलाने वाले स्टार्टअप विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नवाचार, शोध और उद्यमिता के जरिए युवा विकसित भारत@2047 की मजबूत नींव रख सकते हैं। आत्मनिर्भरता की शुरुआत व्यक्ति और परिवार से होती है और यही भावना आगे समाज व राष्ट्र को सशक्त बनाती है।

कुलपति वीरवार को फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर में इमसार द्वारा ‘वोकल फॉर लोकल इन सपोर्ट ऑफ विकसित भारत@2047 : रोल ऑफ मैनेजमेंट एजुकेशन, एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला-सह-अकादमिक विमर्श को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर नए अवसर तलाशने तथा रक्षा, अंतरिक्ष तकनीक और अन्य उभरते क्षेत्रों में स्टार्टअप विकसित करने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शोध और नवाचार देश की आर्थिक एवं तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे सकते हैं।

डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा ने कहा कि गुणवत्ता और विस्तार के साथ स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के रास्ते खुलेंगे, जिसके लिए जन भागीदारी जरूरी है। कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने बताया कि विवि में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान-सेवा मेरा योगदान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक ब्रांड में बदलने के लिए नए विचारों और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

डीन फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज एवं निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार अहलावत ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में एमएसएमई, स्टार्टअप, ब्रांडिंग, डिजिटल तकनीक, गुणवत्ता और सतत विकास पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने ‘वोकल फॉर लोकल—स्लोगन से सतत प्रतिस्पर्धी रणनीति तक’ विषय पर वाद-विवाद किया तथा समूह चर्चा और खुले सत्र में व्यावहारिक सुझाव दिए। इस दौरान प्रो. सपना गर्ग सहित शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. आरती चहल ने किया।