नशा नहीं, निश्चय से ऊंची उड़ान भरें युवाः स्वामी ज्ञानानंद
पीजीआईएमएस में प्रेरणादायक व्याख्यान, युवाओं को दिया लक्ष्य और अनुशासन का मंत्र
रोहतक, गिरीश सैनी। पीजीआईएमएस रोहतक में शुक्रवार को नशे से नहीं, निश्चय से ऊंची उड़ान—नशामुक्त युवा, सशक्त युवा, लक्ष्य युक्त युवा विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने युवाओं को नशे से दूर रहकर लक्ष्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने की।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि युवा नशे की अंधी दौड़ में अपनी सबसे बड़ी पूंजी—लक्ष्य और भविष्य—खो रहा है। नशा पहले मन की शुद्धता को प्रभावित करता है और बाद में शरीर को बीमारियों की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए शरीर के साथ मन का स्वस्थ रहना भी जरूरी है। जब मन काबू में होगा, तभी दिमाग सही दिशा में काम करेगा।
उन्होंने युवाओं से वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने और एक लक्ष्य निर्धारित कर पूरी एकाग्रता से आगे बढ़ने का आह्वान किया। कहा कि योग, ध्यान, गीता का अध्ययन और अच्छी संगत युवाओं को सही दिशा दे सकती है। उन्होंने संदेश दिया, संग बदलो, दिशा बदल जाएगी। नशा थोड़ी देर का हाई देता है, लेकिन गीता का ज्ञान जीवन भर ऊपर उठाता है।
डॉ. मार्कण्डेय आहूजा ने कहा कि स्वामी ज्ञानानंद देश-विदेश में गीता के संदेश को पहुंचाकर युवाओं को नशा मुक्ति का संकल्प दिला रहे हैं। उन्होंने युवाओं को गुरुकुल परंपरा और संस्कारों से जोड़ने पर जोर दिया।
निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने युवाओं से तनाव की स्थिति में नशे का सहारा लेने के बजाय सकारात्मक गतिविधियां अपनाने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मंच संचालन जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. उमेश यादव ने किया।

Girish Saini 

