मताधिकार के प्रति जागरूक होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं युवाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित।

मताधिकार के प्रति जागरूक होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं युवाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

असंध, गिरीश सैनी। भारत का संविधान विश्व के सबसे प्रगतिशील संविधानों में से एक है। संविधान निर्माताओं ने जाति, रंग, धर्म और लिंग के भेदभाव के बिना प्रत्येक वयस्क नागरिक को समान मताधिकार दिया, जो उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है। ये विचार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने शनिवार को गीता विद्या मंदिर विद्यालय, राहड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए साझा किए।  रहे थे।

 

प्राचार्य महेंद्र सिंह एवं गांव के सरपंच प्रतिनिधि मास्टर सुरेंद्र सिंह राणा ने डॉ. चौहान का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र कहलाने वाला अमेरिका भी अपने प्रारंभिक वर्षों में सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार नहीं दे पाया। वहां अश्वेतों और महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिलने में कई दशक लग गए, जबकि भारत में गणतंत्र की स्थापना के साथ ही सभी नागरिकों को ये अधिकार प्राप्त हो गया।

उन्होंने कहा कि युवा वर्ग देश के लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा अपने मताधिकार के प्रति जागरूक होकर सक्रिय भागीदारी निभाते हैं तो देश की दिशा और दशा दोनों सशक्त बन सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने परिवार और समाज में मतदान के प्रति जागरूकता फैलाएं तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करना भी प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है।

 

डॉ. चौहान ने नागरिकों का आह्वान किया कि वे अपने मताधिकार के महत्व को समझते हुए 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही अपना मतदाता पहचान पत्र बनवाएं तथा प्रत्येक चुनाव में अनिवार्य रूप से मतदान करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता अधिक से अधिक जनभागीदारी पर निर्भर करती है, इसलिए हर मतदाता को अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने भारत की राजभाषा हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग का संकल्प लेने का आग्रह करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत हिंदी में हस्ताक्षर करने से की जा सकती है।

 

अंत में सरपंच प्रतिनिधि मास्टर सुरेंद्र सिंह राणा ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित करते हैं। इस दौरान पंचायत सदस्य रिंकल राणा, पंच सुभाष राणा, रणदीप सिंह राणा, मास्टर सुनील शर्मा, जय प्रकाश शर्मा, ममता रानी, सुभाष राणा, जसबीर राणा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।