ग्रामीण विकास का केंद्र बिंदु है महिला हितैषी ग्राम पंचायतः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
महिला हितैषी शहजादपुर माजरा में कार्यक्रम
अंबाला, गिरीश सैनी। महिला हितैषी ग्राम पंचायत सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का केंद्र बिंदु है। जब पंचायतें महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती हैं, तभी वास्तविक प्रगति संभव होती है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही।
डॉ. चौहान ग्राम पंचायत शहजादपुर माजरा को आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने हेतु पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (पीएआई) के अंतर्गत भरे गए डेटा के सत्यापन को लेकर आयोजित एक बैठक को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित कर रहे थे। बैठक में ग्राम पंचायत तथा आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत से संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
डेटा के सत्यापन की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद से सीनियर कंसल्टेंट गुरबिंदर सिंह स्वयं ग्राम पंचायत पहुंचे।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि डेटा का सत्यापन पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सुनिश्चित होता है कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर वास्तविक परिवर्तन दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में पोषण वाटिका की स्थापना होनी चाहिए, ताकि महिलाओं और बच्चों को घर-घर पर उपलब्ध ताजा और पौष्टिक सब्जियों के माध्यम से बेहतर पोषण मिल सके। पोषण वाटिका न केवल स्वास्थ्य सुधार में योगदान देती है बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध होती है।
उन्होंने विभागीय कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा विद्यालय स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए अपील की कि ग्राम माजरा को महिला हितैषी आदर्श पंचायत बनाने के प्रयास को निरंतर आगे बढ़ाया जाए, ताकि यह पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल पंचायत के रूप में स्थापित हो सके।
इस दौरान ग्राम सरपंच नेहा शर्मा ने बताया कि गांव की महिलाओं के लिए अस्पताल और बीडीपीओ कार्यालय तक आने-जाने के लिए फ्री ई-रिक्शा सुविधा उपलब्ध है। स्कूल प्राचार्या सुमन ने बताया कि बरसात के दिनों में विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या हो जाती है। निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने ग्राम सचिव को इस मुद्दे के समाधान को आगामी बैठक में प्राथमिकता से रखने के निर्देश दिए।
आशा वर्कर मीना स्वामी ने बताया कि गांव की महिलाओं को सरकार की ओर से आयरन की गोलियां निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि गांव की बेटियों में एनीमिया (खून की कमी) की समस्या नहीं पाई जाती। इस दौरान पंचायत सचिव राजिंदर कुमार सहित सभी आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
Girish Saini 

