आईटी सेक्टर में कुशल कर्मचारियों का टोटा क्यों है?

पिछले दो साल रोजगार के साथ साथ कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए भी मुश्किल भरे रहे। लॉकडाउन अवधि में कंपनियों के दफ्तर या तो बंद रहे या फिर आंशिक रूप से खुले, जबकि ज्यादातर कर्मचारियों ने अपने अपने घरों पर रहते हुए ही काम किया।

आईटी सेक्टर में कुशल कर्मचारियों का टोटा क्यों है?

पिछले दो साल रोजगार के साथ साथ कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए भी मुश्किल भरे रहे। लॉकडाउन अवधि में कंपनियों के दफ्तर या तो बंद रहे या फिर आंशिक रूप से खुले, जबकि ज्यादातर कर्मचारियों ने अपने अपने घरों पर रहते हुए ही काम किया। अब चूंकि सब कुछ चल पड़ा है, इसलिए कामकाज के माहौल में भी बदलाव दिखने लगा है। बेहतर वेतन और कार्य परिस्थिति की तलाश में काबिल कर्मचारी नौकरियां बदल रहे हैं, तो अच्छे नए कर्मचारियों का टोटा पड़ता जा रहा है। एक ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक, 88 प्रतिशत आईटी कंपनियों को काबिल कर्मचारियों की कमी और उन्हें अपने पास टिकाए रखने में अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्केलर नामक एक स्टार्टअप के सर्वेक्षण में पता चला कि 56 प्रतिशत आईटी कंपनियों को लगता है कि उनकी इंडस्ट्री में कुशल और अनुभवी कर्मचारियों का टोटा है। पिछले छह माह में आईटी सेक्टर से नौकरी छोड़ने वालों की सालाना दर 30 प्रतिशत हो गई है।

 

कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने से रोकने के लिए कई कॉर्पोरेट कंपनियां अपने काबिल कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का मन बना चुकी हैं। एक सर्वे के मुताबिक देश की 60 फीसदी कंपनियां नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच नए कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना पर काम कर रही हैं। कुछ इतना ही अनुपात उन कंपनियों का है जो अपने काबिल कर्मचारियों को अपने यहां टिकाए रखने के लिए उनका वेतन बढ़ाने का इरादा रखती हैं। ऐसी कंपनियों का प्रतिशत भी 60 के आसपास है। आखिर ऐसा क्या हो गया कि आईटी सेक्टर काबिल कर्मचारियों की यकायक कमी हो गई? दरअसल, आईटी इंडस्ट्री में प्रगति की रफ्तार तेज होने से ऐसा हो रहा है। देश में स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं, क्योंकि सरकार की ओर से स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जा रहा है और करोड़ों का काराबार करने वाली बड़ी कंपनियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इन वजहों से कार्यकुशल कर्मचारियों की कमी महसूस की जा रही है।

 

भारत को दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी चल रही है। फिलहाल भारत इस मामले में दुनिया में तीसरे नंबर का सबसे बड़ा देश है। वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अबूधाबी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि हमारा लक्ष्य विश्व का पहला सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने का है। देश में इसके लिए निवेशकों और उभरते उद्यमियों के तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। भारत 44 करोड़ युवाओं का देश है। इतनी विशाल युवा आबादी दुनिया के किसी अन्य देश में मौजूद नहीं है। इनमें वे युवा शामिल हैं, जिनका जन्म 1981 से 1996 के बीच हुआ है। अमेरिकी अंदाज़ में इन्हें मिलेनियल्स भी कहा जाता है। इनके लिए तकनीकी शिक्षा को आसान बनाने की जरूरत है। इस बीच, पंजाब में 20 हजार सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकालने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने सत्ता में आते ही यह एक बड़ा फैसला लिया, जिसकी प्रशंसा की जा रही है। प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या हर साल एक लाख से अधिक बढ़ जाती है, ऐसे में भर्तियों का फैसला राहत देने वाला है। 

 

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार व कॉलमिस्ट हैं।