कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने पीएम-उषा परियोजनाओं में पर्यावरण-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए
एमडीयू में तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि विवि परिसर में भविष्य के सभी निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ग्रीन, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना के मॉडल पर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पीएम-उषा के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि परिसर को आधुनिक, टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ शुक्रवार को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के अंतर्गत गठित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विवि में संचालित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई तथा शैक्षणिक एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
कुलपति ने निर्देश दिए कि पीएम-उषा के अंतर्गत प्रस्तावित नए निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों के लिए अनुदान राशि प्राप्त होने से पूर्व ही इंजीनियरिंग सेल आवश्यक प्रारंभिक तैयारियां पूरी रखे, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में गणित विभाग में स्थापित की जाने वाली प्रयोगशाला के लिए 25 उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर, आवश्यक सॉफ्टवेयर आदि की खरीद को मंजूरी दी गई। वहीं, भूगोल विभाग के लिए ड्रोन और संबंधित सॉफ्टवेयर खरीदे जाने को स्वीकृति प्रदान की गई। कन्या छात्रावास में निर्माणाधीन कॉमन रूम के लिए आईटी उपकरणों की खरीद को भी हरी झंडी दी गई। पीएम-उषा अनुदान के तहत विवि की 60 प्रयोगशालाओं के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी निदेशक, रूसा को सौंपी गई, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूरे किए जा सकें।
निदेशक, रूसा प्रो. प्रदीप के. अहलावत ने पीएम-उषा के तहत अब तक संचालित परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट की बैठक में की गई अनुशंसाओं को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के समक्ष रखा गया, जिन्हें मंजूरी प्रदान की गई। उन्होंने विवि को प्राप्त अनुदान राशि के उपयोग, प्रस्तावित गतिविधियों और आगामी योजनाओं की भी जानकारी दी।
बैठक में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन पी एंड डी प्रो. प्रमोद भारद्वाज, वित्त अधिकारी मुकेश भट्ट, गणित विभागाध्यक्ष प्रो. सुमित गिल तथा रूसा कार्यालय से डॉ. नीरज चौहान मौजूद रहे।
Girish Saini 

