कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने छात्रों को शोध, स्टार्टअप और एआई से जोड़ने पर जोर दिया
लाइफ साइंसेज फैकल्टी का दौरा कर किया शिक्षकों और शोधार्थियों से संवाद।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने लाइफ साइंसेज फैकल्टी के दौरे के दौरान शिक्षा को अधिक छात्र-केंद्रित (स्टूडेंट सेंट्रिक) बनाने, शोध को नई दिशा देने तथा इन्क्यूबेशन और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक रिसर्च, इनोवेशन और उद्यमिता के जरिए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें।
कुलपति ने सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी, सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी, सेंटर फॉर माइक्रोबायोलॉजी और सेंटर फॉर बायोइनफॉर्मेटिक्स का दौरा कर शिक्षकों और शोधार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रयोगशालाओं में चल रहे शोध कार्यों की जानकारी ली और छात्रों के रिसर्च एक्सपोजर को बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म गोल तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि विभागों में नियमित रूप से स्टूडेंट सेंट्रिक वर्कशॉप, इंडस्ट्री और रिसर्च लैब विजिट्स, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम तथा विशेषज्ञ इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थी नई तकनीकों और रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक हो सकें।
उन्होंने कहा कि लाइफ साइंसेज शिक्षा का भविष्य अब केवल पारंपरिक अध्ययन तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को डाटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे बदलते रोजगार परिदृश्य और रिसर्च सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। उन्होंने इन विभागों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एकेडमिक कोलॉबोरेशन बढ़ाने, इंटर डिस्प्लीनरी रिसर्च को बढ़ावा देने तथा रिसर्च प्रोजेक्ट फंडिंग हासिल करने पर फोकस करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने इन्क्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के इनोवेटिव आइडिया को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचाने के प्रयास होने चाहिए।
इस दौरान डीन फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, सीबीटी निदेशक प्रो. रितु गिल, सीएमबीटी निदेशक डॉ. हरि मोहन, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की निदेशिका डॉ. पूजा सुनेजा, बायोइनफॉर्मेटिक्स विभाग की निदेशिका डॉ. महक दांगी सहित अन्य शिक्षक एवं शोधार्थी मौजूद रहे।
Girish Saini 


