कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि पृथ्वी ही मानव जीवन का एकमात्र आधार है, इसलिए इसके संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। भूगोल विभाग में आयोजित पृथ्वी दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि केवल भौतिक आवश्यकताएं खुशी नहीं देतीं, बल्कि सच्चा संतोष हमारे भीतर होता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संसाधनों का अंधाधुंध दोहन रोकना होगा और जल संरक्षण, स्वच्छ हवा व प्रदूषण नियंत्रण को प्राथमिकता देनी होगी।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक का कम उपयोग और अधिक से अधिक पौधारोपण जैसे कदम भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पृथ्वी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को एक अभियान के रूप में अपनाएं और समाज में जागरूकता फैलाएं।
इस दौरान कुलपति ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने पर्यावरण विषय पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना भी की।

Girish Saini 

