कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने विद्यार्थियों से तनाव शब्द को अपनी डिक्शनरी से हटाने का आह्वान किया

तनाव नियंत्रण पर विशेष कार्यक्रम आयोजित।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने विद्यार्थियों से तनाव शब्द को अपनी डिक्शनरी से हटाने का आह्वान किया

रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि में शुक्रवार को डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल द्वारा आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से जीवन में संतुलन बनाने और तनाव को नियंत्रित करने पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि, कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रुप में डॉ. सुरेश सिंघल ने शिरकत की।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बढ़ती उम्र के साथ जिम्मेदारियां भी बढती हैं तो तनाव आना स्वाभाविक है, लेकिन विद्यार्थियों को युवा उम्र में इससे बचना चाहिए और सिर्फ पढ़ाई और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को तनाव शब्द अपनी डिक्शनरी से ही हटा देना चाहिए। कुलपति ने कहा कि आजकल विद्यार्थी अपना अधिक समय सोशल मीडिया और मोबाइल पर बिता रहे हैं, जो गलत है। उन्होंने विद्यार्थियों को यू-ट्यूब की बजाय अपनी पुस्तकों से पढ़ाई करने का सुझाव देते हुए कहा कि पुस्तकें पढकर ही हम अच्छे चिकित्सक बन सकते हैं।

निदेशक डॉ एस.के. सिंघल ने जीवन में संतुलन बनाने और तनाव से निपटने के तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हमें जीवन जीने की कला आनी चाहिए। डीन छात्र कल्याण डॉ सविता सिंघल ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से हम खुद को मानसिक तौर पर शांति प्रदान करने के बारे में सीख सकते हैं। कार्तिक गुप्ता, डॉ. वरुण, डॉ. गरिमा, डॉ. संजय गुप्ता ने विद्यार्थियों के साथ तनाव मुक्त रहने के गुर साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सविता सिंघल ने तथा मंच संचालन डॉ. मधु शर्मा ने किया। इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एमजी वशिष्ठ, प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, डॉ. मधु, डॉ. विवेक मलिक, डॉ मंजू लता, डॉ. मंजूनाथ, डॉ. सुनील रोहिल्ला, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सुनीता सहित विद्यार्थी एवं फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।