डिजिटल युग में भी प्रासंगिक है रेडियोः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
विश्व रेडियो दिवस पर रेडियो प्रेमी मिलन समारोह आयोजित।
कुरुक्षेत्र, गिरीश सैनी। रेडियो केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जनजागरण और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी रेडियो विश्वसनीय सूचना का सबसे सरल और सुलभ स्रोत है। आपदा प्रबंधन, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर रेडियो की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। ये उद्गार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर सन्निहित रेडियो लिस्नर्स क्लब ऑफ इंडिया एवं गुरुकुल कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रेडियो प्रेमी मिलन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए व्यक्त किए। गुरुकुल कुरुक्षेत्र के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में रेडियो प्रेमियों व प्रस्तुतकर्ताओं सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।
इस दौरान डॉ. चौहान ने आजाद हिंद रेडियो से तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा का ऐतिहासिक उद्घोष करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी स्मरण व नमन किया। उन्होंने भारत में रेडियो के इतिहास से लेकर उसकी वर्तमान स्थिति तक की विस्तृत चर्चा की।
बतौर विशिष्ट अतिथि, आकाशवाणी कुरुक्षेत्र के वरिष्ठ अभियंता राजेन्द्र कुमार ने शिरकत की। अध्यक्षता गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राचार्य सूबे प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ तथा कलाकारों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। सन्निहित रेडियो लिस्नर्स क्लब ऑफ इंडिया के संरक्षक बिजेन्द्र जैजान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
डॉ. चौहान ने रेडियो से साथ बचपन से ही अपने जुड़ाव को साझा करते हुए बताया कि प्रारंभ में वे एक श्रोता के रूप में रेडियो से जुड़े और बाद में उच्च शिक्षा के दौरान प्रस्तुतकर्ता के रूप में भी कार्य करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति के इस दौर में अनेक माध्यम आए और गए, किंतु रेडियो ने समय के साथ स्वयं को निरंतर विकसित किया है। आज ऑनलाइन रेडियो के माध्यम से विश्व के किसी भी कोने का प्रसारण कहीं भी सुना जा सकता है।
डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने युवाओं का आह्वान किया कि वे पारंपरिक माध्यम रेडियो को नई तकनीक के साथ जोड़कर नवाचार करें। डिजिटल युग में पॉडकास्ट, सामुदायिक रेडियो और ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा दिया जा सकता है। रेडियो विचारों को जोड़ने और समाज को दिशा देने का सशक्त मंच है।
विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र कुमार ने रेडियो प्रसारण में तकनीकी विकास तथा एआई की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम अध्यक्ष प्राचार्य सूबे प्रताप सिंह ने कहा कि रेडियो ग्रामीण भारत की आवाज है और नई तकनीक के साथ इसका समन्वय इसे और अधिक सशक्त बनाएगा। इस दौरान राजकुमार पुजारा, अनिल कटारिया, सतीश मिगलानी, रवि कुमार राहुल, सोमनाथ कालिया, मुकेश बत्ता, प्रमिला सैनी, भारती जांगड़ा, आरती, कपिल बत्रा, शशिबाला, सरोज शर्मा, अनुराधा सहित अनेक श्रोता एवं रेडियो प्रस्तोता मौजूद रहे।

Girish Saini 

