दयालु-2 योजना के तहत आवारा पशु से हादसे पर 5 लाख तक मदद, 90 दिन में करना होगा आवेदनः उपायुक्त
रोहतक, गिरीश सैनी। आवारा पशुओं के कारण सड़क दुर्घटना में मृत्यु, दिव्यांगता या चोट का शिकार होने वाले हरियाणा के पात्र परिवारों को अब दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत 10 हजार से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकेगी। उपायुक्त सतबीर सिंह ने पात्र लोगों से घटना के 90 दिन के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
उपायुक्त ने बताया कि दयालु-2 योजना के पोर्टल को सरल बनाया गया है। स्वीकृत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार का परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि योजना में कुत्ते के काटने के अलावा गाय, बैल, सांड, गधा, नीलगाय, भैंस समेत आवारा, जंगली और परित्यक्त पशुओं के कारण हुई दुर्घटनाओं को भी शामिल किया गया है।
योजना के तहत मृत्यु या 70 प्रतिशत अथवा अधिक दिव्यांगता की स्थिति में आयु के अनुसार सहायता निर्धारित है। 0-12 वर्ष तक 1 लाख, 12-18 वर्ष तक 2 लाख, 18-25 वर्ष तक 3 लाख, 25-45 वर्ष तक 5 लाख तथा 45 वर्ष से अधिक आयु पर 3 लाख रुपये दिए जाएंगे।
चोट की स्थिति में न्यूनतम 10 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। कुत्ते के प्रत्येक दांत के निशान पर 10 हजार रुपये तथा घाव के प्रत्येक 0.2 सेंटीमीटर पर न्यूनतम 20 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
मृत्यु के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र और एफआईआर/डीडीआर की प्रति देनी होगी, जिसमें हादसे का कारण आवारा पशु या कुत्ते का हमला स्पष्ट हो। दिव्यांगता के मामले में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी/मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र, डिस्चार्ज समरी और एफआईआर/डीडीआर जरूरी है। चोट के मामलों में अस्पताल के उपचार संबंधी दस्तावेजों के साथ हमले के प्रमाण, जैसे घावों और फटे कपड़ों के फोटो भी प्रस्तुत करने होंगे।
ऐसे करें आवेदन
पीपीपी आईडी दर्ज कर ओटीपी प्राप्त करें। ओटीपी सत्यापन के बाद परिवार के सदस्यों की सूची प्रदर्शित होगी। लाभार्थी आवश्यक व्यक्तिगत विवरण और दस्तावेज अपलोड कर आवेदन जमा कर सकता है। आवेदन घटना की तारीख से 90 दिन के भीतर करना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2996024 और 01262-257692 पर संपर्क कर सकते हैं।

Girish Saini 

