सिख समाज मेरा परिवार, बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गयाः दीपेंद्र हुड्डा

वीडियो जारी कर सांसद ने कहाः भावनाएं आहत हुई हैं तो खेद

सिख समाज मेरा परिवार, बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गयाः दीपेंद्र हुड्डा

रोहतक/चंडीगढ़, गिरीश सैनी। पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के निधन पर अपने हालिया बयान को लेकर विवादों में घिरे रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को पिछले दो दिनों से तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके बयान में एक ऐसा अंग्रेजी शब्द भी जोड़ा गया, जिसका उन्होंने इस्तेमाल ही नहीं किया था और न ही उनका ऐसा कोई आशय था।

प्रेस को जारी एक वीडियो में सांसद हुड्डा ने कहा कि उनकी मंशा किसी भी सिख भाई की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। उन्होंने कहा, “अगर किसी भाई की भावनाओं को ठेस लगी है तो मैं आपका भाई हूं, मैं खेद प्रकट करता हूं।”

दीपेंद्र हुड्डा ने सिख समाज को देश का गौरव बताते हुए कहा कि देश की आजादी से लेकर सीमाओं की रक्षा तक सिख समुदाय के बलिदानों को देश कभी नहीं भूल सकता। सिख समाज के साथ अपने परिवार जैसे रिश्ते का उल्लेख करते हुए हुड्डा ने कहा कि जरूरत पड़ने पर दोनों समुदाय हमेशा छोटे-बड़े भाई की तरह साथ खड़े रहे हैं।

वीडियो में उन्होंने अपने परिवार के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 1908 के ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन के दौरान शहीद-ए-आजम भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह के साथ उनके परदादा चौ. मातूराम को भी काले पानी की सजा हुई थी।

रोहतक से कांग्रेस सांसद ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब से आए किसान भाइयों के साथ वह स्वयं सबसे पहले खड़े हुए थे और आगे भी हर संघर्ष में साथ रहेंगे।

1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने वीडियो में कहा कि सिख समाज के न्याय की लड़ाई में वे उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए और कोई दोषी बचना नहीं चाहिए।

वीडियो के अंत में उन्होंने ‘वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह’ कहकर अपनी बात समाप्त की।