कला व संस्कृति के अनोखे रंग दिखेंगे सारंग महोत्सव में

कला जगत की नामचीन हस्तियों से रूबरू होंगे छात्र। 

कला व संस्कृति के अनोखे रंग दिखेंगे सारंग महोत्सव में

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) में भारत रंग महोत्सव (भारंगम) के 25वें संस्करण का आयोजन सोमवार से शुरू हो रहा है। इस नाट्य महोत्सव के साथ ही विवि का अपना खुद का महोत्सव सारंग भी आयोजित किया जा रहा है।  चार दिवसीय सारंग महोत्सव रोजाना सुबह 11 से शाम 5 बजे तक चलेगा। इस दौरान छात्रों व आगंतुकों को अलग-अलग कला व संस्कृतियों की झलक दिखेगी। साथ ही छात्रों को डांस, म्यूजिक इवेंट्स के अलावा नाटक के निर्देशकों व अन्य कलाकारों से संवाद का मौका मिलेगा। 

कुलपतिडॉ अमित आर्य ने बताया कि सारंग कलात्मक अभिव्यक्तियों का एक समागम होगा, जिसमें विभिन्न कला रूप एक ही मंच पर नजर आएंगे। एफटीवी डिपार्टमेंट के कोर्ट यार्ड में सजे सारंग के मंच पर ओडिसी व मयूरभंज छऊ डांस की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। रंगकर्मी व नृत्यांगना शिफाली टाकिया द नृत्यबोधन डांस कंपनी के साथ इस नृत्य को प्रस्तुत करेंगी। कूथु लोक रंगमंच की तरफ से 'सुब्रमणिया भारती अपनी टीम के साथ पेन नदई कूथु - महिलाओं की चाल नामक नाटक प्रस्तुत करेंगी। इसमें रंगमंच व समाज में महिलाओं की भूमिका, संघर्ष और बदलाव को दिखाया जाएगा। मंडी हाउस - द बैंड के संस्थापक देवेंद्र अहिरवार जोर से प्यार लगा है नाटक प्रस्तुत करेंगे। इस प्रस्तुति में उनके साथ तुषार कदम, रजत तिवारी व लाइव बैंड शामिल रहेगा। पार्थ प्रतिम हजारिका असम के शास्त्रीय सत्त्रिया नृत्य की प्रस्तुति देंगे। उनकी फ्रेंच इंडियन कंपनी सत्त्रिया नृत्य को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करती है। 

सारंग के दौरान संवाद सत्र व विशेषज्ञ व्याख्यान भी होंगे, जिसमें दर्शक व छात्र अभिनेताओं व निर्देशकों से बातचीत कर काफी कुछ जान व सीख सकेंगे। ना आना इस देश लाडो में अम्माजी की भूमिका निभावने वाली अभिनेत्री मेघना मलिक दर्शकों के साथ संवाद करेंगी। वहीं, थियेटर की अंतर्विषयक समझ विषय पर आयोजित एक विशेष व्याख्यान में विद्यानिधि वानरसे मुख्य वक्ता होंगे। रंगकर्मी व सुपवा के पूर्व छात्र अजहरुद्दीन शब्दों का सफर लेकर मंच पर पहुचेंगे।