यूएचएसआर ने 19 वर्षों में शिक्षा, शोध और इलाज के क्षेत्र में अनेक कीर्तिमान स्थापित किएः कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल
रक्तदान शिविर में 65 यूनिट एकत्रित, पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि का 19वां स्थापना दिवस मंगलवार को स्वास्थ्य सेवा के संकल्प के साथ मनाया गया। प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आयोजित हवन में कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल, कुलसचिव डॉ. रूप सिंह और निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने आहुति डाली। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कुलपति ने अन्य अधिकारियों के साथ पौधारोपण किया।
इस मौके पर ब्लड बैंक विभागाध्यक्ष डॉ गजेंद्र सिंह की टीम द्वारा ओपीडी ब्लॉक में आयोजित एक रक्तदान शिविर में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और छात्रों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया और 65 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मनु राठी ने 11वीं बार रक्तदान किया। कुलपति डॉ. अग्रवाल ने सभी स्वस्थ लोगों को तीन माह बाद रक्तदान अवश्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त तीन जिंदगियां बचा सकता है।
अपने संबोधन में कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि 2 जून 2008 को स्थापित इस विवि 19 वर्षों में शिक्षा, शोध और इलाज के क्षेत्र में अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं और आज ये उत्तर भारत का अग्रणी स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान बन चुका है। अग्रणी संस्था होने के नाते अंगदान जैसी सामाजिक जिम्मेदारी निभाना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण बचाने की पहल नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन देने का संकल्प है।
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने विवि के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि अस्पताल में आने वाला हर व्यक्ति अंगदान के महत्व को समझे। ये पहल पूरे साल जारी रहेगी, ताकि जागरूकता का दायरा बढ़े। निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने स्वागत संबोधन किया।
जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ वरुण अरोड़ा ने बताया कि दोपहर में आयोजित अंगदान जागरूकता व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता, नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (नोटो) के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि ऑर्गन किसी फैक्ट्री में नहीं बनते, ऐसे में अंगदान ही जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि देश में ऑर्गन वेटिंग लिस्ट में करीब 94000 पेशेंट हैं। हर साल किडनी के 2 लाख नए मरीज जुड़ रहे हैं। हर 20 मिनट में एक मरीज रजिस्टर हो रहा है। 2013 में देश में कुल 4990 ट्रांसप्लांट हुए थे, अब यह आंकड़ा करीब 20019 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सोटो हरियाणा ने इस साल 6 ऑर्गन डोनेशन करवाए, जिसमें 5 पीजीआईएमएस, रोहतक ने करवाकर अंगदान के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
अंत में सोटो के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुंदन मित्तल, डॉ. राजीव गुप्ता, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ, डीन डॉ. अशोक चौहान, डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल, डॉ. पुष्पा दहिया, प्राचार्या डॉ. मनु राठी, डॉ. आर.एस. चौहान, सहित काफी संख्या में चिकित्सक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने बताया कि 19 वें स्थापना दिवस के मौके पर विवि को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। ई-ऑफिस लागू करने के लिए यूएचएसआर और विश्वकर्मा कौशल विवि, पलवल के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान विश्वकर्मा कौशल विवि की आईटी टीम द्वारा ई-ऑफिस पर संक्षिप्त प्रस्तुति भी दी गई। उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने से फाइलों का निपटान तेज होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और कागज की बचत होगी। ये कदम विवि के प्रशासनिक कार्यों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में काफी अहम साबित होगा।

Girish Saini 

