एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका अहमः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ

एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका अहमः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू और सरस्वती महिला महाविद्यालय, पलवल के संयुक्त तत्वावधान में मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम (एमएमटीटीपी) के तहत आठ दिवसीय एनईपी ओरिएंटेशन एंड सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम का मंगलवार को ऑनलाइन शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव का आधार है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, अनुसंधान और नवाचार से जोड़ना समय की आवश्यकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पहले सत्र में जेएनयू, नई दिल्ली के प्रो. दीपेंद्र नाथ दास ने राष्ट्र निर्माण की चुनौतियों और समाधान पर विचार साझा किए। उन्होंने शिक्षक, संस्थान, विद्यार्थी और समाज की भूमिका के साथ-साथ उच्च शिक्षा, नैतिक मूल्यों, अनुसंधान, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण चेतना और समस्या समाधान के महत्व पर प्रकाश डाला। दूसरे सत्र में जेएनयू के प्रो. संजय भारद्वाज ने अनुसंधान विकास, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, शैक्षणिक नेतृत्व और समावेशी शिक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। कार्यक्रम में एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. मनीष गर्ग, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. माधुरी हुड्डा, सरस्वती महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वंदना त्यागी सहित अन्य शिक्षक और समन्वयक मौजूद रहे। 

28 जुलाई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न विवि और महाविद्यालयों से 100 से अधिक शिक्षाविद भाग ले रहे हैं।