गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में 25 हिंदी साहित्यकारों को मिलेगा ‘पंजाब हिंदी साहित्य रत्न’ सम्मान
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के हिंदी विभाग द्वारा ‘हिंदी पखवाड़ा’ के अंतर्गत 28 सितंबर, 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान-समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर 25 साहित्यकारों को ‘पंजाब हिंदी साहित्य रत्न’ सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।
सम्मानित किए जाने वाले हिंदी साहित्यकार हैं: डॉ. हरमहेंद्र सिंह बेदी, डॉ. विनोद तनेजा, डॉ. वीणा विज, डॉ. सरला भारद्वाज, डॉ. प्रोमिला अरोड़ा, डॉ. धर्मपाल साहिल, गोपालकृष्ण शर्मा ‘फिरोजपुरी’, डॉ. सुरेश सेठ, डॉ. विनोद कालरा, डॉ. सिमर सदोष, डॉ. लेखराज शर्मा, डॉ. राकेश प्रेम, डॉ. अजय शर्मा, प्रेम विज, अशोक भंडारी ‘नादिर’, सैली बलजीत, डॉ. मधु संधु, डॉ. निर्मल कौशिक, डॉ. तरसेम गुजराल, डॉ. सीमा जैन, डॉ. विनोद कुमार, मनोज धीमान, डॉ. संजीव डावर, प्रो. मोहन सपरा और डॉ. राजेंद्र टोकी।
इसके अतिरिक्त विशिष्ट श्रेणी में भी सम्मान प्रदान किए जाएंगे। इनमें ‘प्रो. रामसजन पांडेय स्मृति सम्मान-2026’ प्रो. रवि कुमार ‘अनु’ को, ‘पंजाब लोकधारा हिंदी सम्मान’ प्रो. सुखविंदर कौर बाठ को तथा ‘राजभाषा हिंदी कार्यान्वयन उत्कृष्टता सम्मान’ डॉ. बिहारी झा को प्रदान किया जाएगा।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि एक ही अवसर पर 25 हिंदी साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है। यह आयोजन केवल सम्मान-समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति सम्मान, साहित्यकारों के प्रति कृतज्ञता तथा उनकी रचनात्मक साधना के प्रति संवेदनशीलता का भी परिचायक है।
इस पहल के पीछे गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं भाषा-संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुनील कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका है। साहित्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और पंजाब के हिंदी साहित्यकारों के प्रति उनका आत्मीय दृष्टिकोण इस आयोजन में स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने साहित्यकारों को एक साझा मंच पर सम्मान देने की जो पहल की है, वह हिंदी जगत के लिए उत्साहवर्धक है।

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