कबाड़ से कमाल: सुपवा छात्रों ने वेस्ट से गढ़े शानदार स्कल्पचर

कबाड़ से कमाल: सुपवा छात्रों ने वेस्ट से गढ़े शानदार स्कल्पचर

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत वेस्ट टू आर्ट गतिविधि आयोजित की गई। इसमें छात्रों ने बेकार समझी जाने वाली औद्योगिक सामग्री को कलात्मक स्कल्पचर में बदलकर रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. अजय कौशिक ने गतिविधि की शुरुआत कराई। करीब 40 छात्रों को 10 टीमों में बांटा गया। बीपीसीएल द्वारा उपलब्ध कराए गए धातु के टुकड़े, पुराने उपकरण, पाइप, डिब्बे और अन्य अनुपयोगी सामग्री से छात्रों ने दिनभर मेहनत कर विभिन्न स्कल्पचर तैयार किए। पेड़-पौधे, मानव आकृतियों और सजावटी व सामाजिक-पर्यावरणीय विषयों पर आधारित कलाकृतियों ने खूब सराहना बटोरी।

इस दौरान छात्रों ने वेस्ट सामग्री के पुन: उपयोग के साथ टीमवर्क और नवाचार के गुर भी सीखे। आयोजकों ने कहा कि पहल का उद्देश्य छात्रों में वेस्ट टू आर्ट की अवधारणा को बढ़ावा देना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

श्रेष्ठ स्कल्पचर के लिए शिवानी वर्मा, आयुष और आंचल की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। गरिमा, प्राची व दीक्षा की टीम दूसरे तथा अंकित, पारूल व मुस्कान की टीम तीसरे स्थान पर रही। विजेता टीमों को ट्रॉफी, मेरिट सर्टिफिकेट और उपहार दिए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।