पेड़ भावी पीढिय़ों के लिए जीवन व स्वस्थ भविष्य की अमूल्य विरासत हैः राज्यसभा सांसद बराला

वन महोत्सव के 77वें जिला स्तरीय कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पेड़ भावी पीढिय़ों के लिए जीवन व स्वस्थ भविष्य की अमूल्य विरासत हैः राज्यसभा सांसद बराला

महम, गिरीश सैनी। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि वृक्षारोपण हमारी संस्कृति और जीवन परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहा है। एक पेड़ केवल पर्यावरण को शुद्ध करने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए जीवन और स्वस्थ भविष्य की अमूल्य विरासत है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस कार्यक्रम से वर्चुअली करनाल के घरौंड़ा से जुड़े तथा एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।

सांसद सुभाष बराला वीरवार को महम स्थित राजकीय महाविद्यालय के प्रांगण में जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा आयोजित 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित जन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया।

बराला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी प्रत्येक आयोजन को पौधारोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण पर्यावरण में हो रहे बदलावों के गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं, इसलिए वर्तमान समय में अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यातिथि एवं राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने विद्यार्थियों के साथ एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस दौरान पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा, उपायुक्त सचिन गुप्ता, मेयर राम अवतार, महम नगर पालिका की चेयरपर्सन भारती पंवार सहित अन्य ने भी पौधारोपण किया। महाविद्यालय परिसर में एक हजार पौधे लगाए गए तथा विद्यार्थियों को भी एक हजार पौधे वितरित किये गए। इस दौरान जिला परिषद की चेयरपर्सन मंजू हुड्डा, मंडल वन संरक्षक सुंदर लाल सांभरिया, उपमंडलाधीश विपिन कुमार, कॉलेज प्राचार्या डॉ. मीनू नैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी, नागरिक व विद्यार्थी मौजूद रहे।

सांसद बराला ने जिला प्रशासन, कॉलेज प्राचार्य एवं उनकी पूरी टीम तथा कार्यक्रम में पौधारोपण के लिए पहुंचे विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी को वन महोत्सव की बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति एवं वृक्षों के प्रति सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। उन्होंने अमृता देवी और बिश्नोई समाज के पर्यावरण संरक्षण के लिए दिए गए बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति की रक्षा के लिए दूरदर्शी सोच के साथ कार्य किया।

उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों, परिवार के बुजुर्गों की स्मृति तथा अपने प्रियजनों के जन्मदिन जैसे अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे पेड़ बनने तक उसकी देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि एक पेड़ केवल पर्यावरण को शुद्ध करने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए जीवन और स्वस्थ भविष्य की अमूल्य विरासत है। उन्होंने वन विभाग के माध्यम से स्कूलों में आयोजित करवाई गई इको क्विज व पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं तथा वृक्षारोपण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महानुभावों को भी सम्मानित किया।

इस दौरान पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से संबंधित एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे संस्कारों में लकड़ी और वृक्ष के प्रति भी सम्मान की भावना रही है, क्योंकि पेड़ अपने जीवनकाल में मनुष्य को छांव, शुद्ध हवा और अनेक प्रकार से उपयोगी संसाधन प्रदान करते हैं। राज्यसभा के पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने मुख्यातिथि, सांसद सुभाष बराला को जिला प्रशासन की ओर से स्मृति चिन्ह के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित किया।