30 दिन से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे व्यापारी, 400 मीट्रिक टन की सीमा तय
अफवाहों पर ध्यान न दें नागरिक, जरूरत से अधिक चीनी न खरीदें - डीसी सतबीर सिंह
रोहतक, गिरीश सैनी। चीनी की जमाखोरी और अनुचित मूल्य वसूली पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त सतबीर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा तय करने के साथ पोर्टल पर पंजीकरण और साप्ताहिक स्टॉक अपडेट अनिवार्य कर दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
उपायुक्त ने बताया कि भारत सरकार की ओर से आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और शुगर (कंट्रोल) ऑर्डर, 2025 के तहत जारी आदेश एसओ 4165(ई) के अनुसार कोई व्यापारी चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रख सकेगा। इसके अलावा किसी व्यापारी को किसी भी स्थान या समय पर 4,000 क्विंटल यानी 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी रखने की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सभी चीनी व्यापारियों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) के आधिकारिक पोर्टल पर तत्काल पंजीकरण कर वर्तमान स्टॉक की घोषणा करनी होगी। प्रत्येक शुक्रवार को पोर्टल पर स्टॉक की अद्यतन जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। यह विशेष व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
डीसी सतबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने, समय पर स्टॉक की जानकारी नहीं देने या गलत अथवा अधूरी जानकारी देने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन चीनी की उपलब्धता, कीमतों और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहा है। आमजन से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और घबराकर जरूरत से अधिक चीनी खरीदने से बचने की अपील की गई है।
उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को चीनी की जमाखोरी, निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक या अनुचित कीमत वसूलने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) कार्यालय को दी जाए। शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से सभी सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्टॉक संबंधी जानकारी समय पर अपडेट करने का आह्वान किया।

Girish Saini 

