तीन सहकारी चीनी मिलों को तीन प्रथम पुरस्कार; राष्ट्रीय मंच पर हरियाणा का परचम

शाहाबाद, करनाल और पानीपत मिलों को तकनीकी दक्षता व गन्ना विकास में प्रथम पुरस्कार

तीन सहकारी चीनी मिलों को तीन प्रथम पुरस्कार; राष्ट्रीय मंच पर हरियाणा का परचम

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा की शाहाबाद, करनाल और पानीपत सहकारी चीनी मिलों ने राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने इसे किसानों, मिल कर्मचारियों, इंजीनियरों और प्रबंधन की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया।

नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित नेशनल शुगर एंड बायो-एनर्जी कॉन्क्लेव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मिलों को सम्मानित किया। शाहाबाद मिल को 2024-25 के लिए अन्य रिकवरी क्षेत्र में तकनीकी दक्षता का प्रथम पुरस्कार मिला। करनाल मिल ने तकनीकी दक्षता और गन्ना विकास, जबकि पानीपत के डाहर स्थित मिल ने तकनीकी दक्षता में प्रथम स्थान हासिल किया।

मंत्री डॉ. शर्मा ने बताया कि पानीपत मिल ने 2025-26 में 94.61 प्रतिशत क्षमता उपयोग के साथ 61.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई और 5.62 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। बिजली उत्पादन से करीब 29 करोड़ रुपये की आय हुई।

उन्होंने कहा कि सरकार सहकारी मिलों को केवल चीनी उत्पादन तक सीमित न रखकर आधुनिक बायो-एनर्जी हब के रूप में विकसित कर रही है। एथेनॉल, बिजली, बायो-सीबीजी समेत अन्य उत्पादों पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में करीब 690 केएलपीडी एथेनॉल परियोजनाओं के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये के निवेश की दिशा में काम चल रहा है।