बाल मजदूरी कर रहे तीन बच्चों को रेस्क्यू किया
रोहतक, गिरीश सैनी। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला में बाल मजदूरी पर अंकुश लगाने के लिए एमडीडी ऑफ इंडिया एवं मानव तस्करी रोधी टीम ने स्थानीय अनाज मंडी से तीन बच्चों को दुकान पर कार्य करते हुए पकड़ा है। इनमें दो बच्चे 16-16 वर्ष तथा एक बच्चा 15 वर्ष की आयु का है। बाल कल्याण समिति ने इन बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर बच्चों से भविष्य में बाल मजदूरी न करवाने बारे समझाया। यदि कोई अभिभावक अपने बच्चों से बाल मजदूरी करवाता पाया गया तो माता-पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जायेगी।
पकड़े गए तीनों बच्चे उत्तर प्रदेश के रहने वाले है। एमडीडी ऑफ इंडिया के सहायक विकास व मानव तस्करी रोधी टीम के सदस्य रवि मलिक, विजय सैनी एवं विकास ने छापा मारकर किराना की दुकान से इन बच्चों का रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक व सदस्यों एडवोकेट विकास अत्री और उषा रानी ने इन बच्चों के माता-पिता व परिजनों को बुलाकर समझाया कि वे भविष्य में अपने बच्चों से मजदूरी न करवाये। यदि दोबारा यह बच्चे मजदूरी करते पकड़े गए तो उनके माता-पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जायेगी। इन बच्चों के माता-पिता व परिजनों ने आश्वासन दिया कि वे अपने बच्चों से बाल मजदूरी नहीं करवायेंगे।
समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने सभी दुकानों ,होटल, नर्सिंग होम, फैक्ट्री, ईट भट्टों के संचालकों को चेतावनी दी है कि वे बच्चों से मजदूरी या ऐसा काम न करवाये जिससे बच्चों के हितों का नुकसान हो। बाल मजदूरी करवाने वाले तथा बच्चों के माता-पिता के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि वे किसी स्थान पर किसी बच्चे को बाल मजदूरी या जोखिम वाला काम करते देखे तो समिति को तुरंत सूचना दें।
Girish Saini 

