विकसित गांवों का आधार बनेगा वीबी-जी राम जी अधिनियमः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों ने किया नई योजनाओं के प्रावधानों पर मंथन।

विकसित गांवों का आधार बनेगा वीबी-जी राम जी अधिनियमः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर, सशक्त और विकास की मुख्यधारा से जुड़े होंगे। पंचायत प्रतिनिधि जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए विकास योजनाओं का पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

वे सोमवार को रोहतक में आयोजित जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में जिले के सरपंच, पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हुए।

डॉ. चौहान ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025 ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, पारदर्शिता और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई है तथा मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान किया गया है। नई व्यवस्था में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में पंचायतों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। पंचायत प्रतिनिधि पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सशक्त, पारदर्शी और उत्तरदायी पंचायतों के माध्यम से ही आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण संभव है।

इस दौरान एचआईआरडी के सहायक आचार्य संदीप भारद्वाज ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को नई योजनाओं और अधिनियम के प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी होना जरूरी है। पंचायतों की सक्रिय भागीदारी, पारदर्शिता और जनसहयोग से ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।

सम्मेलन में जिला परिषद सदस्य दीपक, मंगाराम व अमित, पंचायत समिति सदस्य अजय, एपीओ दीपक, कुलदीप, सुरेश व पवन, सिद्धार्थ, एबीपीओ विवेक तथा अमित दांगी सहित अन्य अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।