शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए कॉमन एसओपी की मांग करेगा शैक्षिक महासंघ

शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए कॉमन एसओपी की मांग करेगा शैक्षिक महासंघ

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में आयोजित अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, हरियाणा के दो दिवसीय अभ्यास वर्ग के दूसरे दिन शिक्षकों की समस्याओं, उनके समाधान तथा कुटुंब शिक्षा में शिक्षक की भूमिका पर चर्चा की गई।

अखिल भारतीय मंत्री प्रो. गीता भट्ट ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि महासंघ द्वारा राज्य सरकार को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया है, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही, आठवें वेतन आयोग को लेकर भी महासंघ ने विस्तृत ज्ञापन दिया है।

प्रो. गीता भट्ट ने कहा कि पदोन्नति, प्रमोशन, गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ तथा यूजीसी अधिसूचनाओं की अलग-अलग व्याख्याओं के कारण शिक्षकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए महासंघ सरकार से एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (कॉमन एसओपी) लागू करने की मांग करेगा।

विवि शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रांत संयोजक प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि कुटुंब शिक्षा की संपूर्णता शिक्षक के बिना संभव नहीं है। शिक्षक अपने आचरण, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करता है तथा समाज को दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में शिक्षक को आदर्श के रूप में देखा जाता है, इसलिए शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहकर विद्यार्थियों के साथ आत्मीय, सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखना चाहिए। अंत में प्रांत मंत्री प्रो. सतीश कुमार सैनी ने आभार व्यक्त किया।