संविधान हत्या दिवस पर आज रोहतक में जुटेंगे प्रदेश के लोकतंत्र सेनानी

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत होंगे मुख्य अतिथि।

संविधान हत्या दिवस पर आज रोहतक में जुटेंगे प्रदेश के लोकतंत्र सेनानी

रोहतक, गिरीश सैनी। कांग्रेस शासनकाल में लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा 25 जून को एमडीयू, रोहतक के टैगोर सभागार में संविधान हत्या दिवस के रूप में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले 11 जिलों के लोकतंत्र सेनानियों तथा उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।

स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से संवाद करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ और राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि होंगे, जबकि भाजपा की हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। इस दौरान पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी शमशेर खरक, जिला प्रभारी सतेंद्र परमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय सचिव धनखड़ ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा दिन है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को निरस्त किए जाने के बाद देश में आपातकाल लागू किया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं, नागरिक अधिकारों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अभूतपूर्व प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने कहा कि आपातकाल केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने का प्रयास नहीं था, बल्कि संविधान, न्यायपालिका, प्रेस और लोकतांत्रिक मूल्यों पर संगठित हमला था। लाखों लोगों को जेलों में बंद किया गया, मीडिया पर सेंसरशिप थोपी गई और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए रोहतक का चयन भी विशेष ऐतिहासिक महत्व रखता है। आपातकाल के दौरान देश के कई बड़े नेता, जिनमें लालकृष्ण आडवाणी, सिकंदर बख्त और जॉर्ज फर्नांडिस जैसे दिग्गज शामिल थे, रोहतक जेल में बंद रहे थे, इसलिए लोकतंत्र की उस लड़ाई की स्मृतियों को संजोने के लिए रोहतक उपयुक्त स्थान है।

इस दौरान राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को राष्ट्रीय सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ये दिवस उन लाखों नागरिकों के त्याग और संघर्ष का स्मरण कराता है जिन्होंने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए कठिन यातनाएं सही थीं। लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रम समाज में लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

सांसद भाटिया ने कहा कि नई पीढ़ी को यह मालूम होना चाहिए कि लोकतंत्र सहज रूप से प्राप्त व्यवस्था नहीं है, बल्कि इसके लिए अनेक लोगों ने संघर्ष और बलिदान दिए हैं। लोकतंत्र सेनानियों के अनुभव और संघर्ष की गाथाएं युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

भाजपा नेताओं ने बताया कि रोहतक के अलावा पंचकूला, फरीदाबाद तथा प्रदेश के अन्य जिलों में भी संविधान हत्या दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों को सम्मानित किया जाएगा तथा आपातकाल के दौरान हुए घटनाक्रमों पर प्रकाश डाला जाएगा। उन्होंने प्रदेश के बुद्धिजीवियों, युवाओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, लोकतंत्र सेनानियों तथा आम नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम एमडीयू के टैगोर सभागार में प्रातः  10:00 बजे से प्रारंभ होगा।