हरियाणा को सांस्कृतिक, शैक्षिक व राजनीतिक रूप से नई दिशा दी निंदाना की पावन धरती नेः शिक्षा मंत्री ढांडा
10वीं व 12वीं कक्षाओं में मेरिट लाने वाले विद्यार्थियों को किया सम्मानित।
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि निंदाना गांव की पावन धरती ने हरियाणा को सांस्कृतिक, शैक्षणिक और राजनीतिक रूप से नई दिशा देने का कार्य किया है। इस भूमि ने हरियाणा के प्रथम शिक्षा मंत्री स्वर्गीय महासिंह नेहरा तथा हरियाणा की लोक संस्कृति को देशभर में पहचान दिलाने वाले महान लोक गायक एवं सांगी स्वर्गीय धनपत सिंह जैसे व्यक्तित्व दिए हैं।
शिक्षा मंत्री गांव निंदाना में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित जन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गांव निंदाना में उपयुक्त स्थान उपलब्ध करवाने पर विद्यार्थियों विशेषकर बेटियों की पढ़ाई के लिए एक अत्याधुनिक एवं सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की। लोक संस्कृति के संरक्षण पर बल देते हुए शिक्षा मंत्री ने महान लोक कलाकार स्वर्गीय धनपत सिंह की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले उनके पड़पोते प्रदीप राय को सांगी एवं लोक कला के संवर्धन के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
शिक्षा मंत्री ने दीप प्रज्वलित करने के उपरांत स्वर्गीय धनपत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने लोकगीतों और रागनियों के माध्यम से हरियाणा की संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत को पूरे देश में पहचान दिलाई। उन्होंने हरियाणा के प्रथम शिक्षा मंत्री महासिंह नेहरा के योगदान को भी स्मरण करते हुए कहा कि हरियाणा राज्य गठन के बाद शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव रखने का श्रेय महासिंह नेहरा को जाता है। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मैरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 14 विद्यार्थियों को 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेशभर में जर्जर विद्यालय भवनों के नवीनीकरण, मरम्मत के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल, शौचालय, खेल मैदान और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले चरण में 1500 विद्यालयों तथा दूसरे चरण में एक हजार से अधिक विद्यालयों के सुधार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ाने के लिए सुपर-100 योजना शुरू की गई थी, जिसका विस्तार करते हुए अब इसे 500 विद्यार्थियों तक बढ़ाया जा रहा है। रोहतक जिला में चलाए जा रहे सुपर-40 कार्यक्रम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की पहल से यह कार्यक्रम सुपर-85 बन गया है और मेधावी विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
शिक्षा मंत्री ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट शिक्षकों के व्याख्यान रिकॉर्ड कर उन्हें स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल माध्यमों से विद्यार्थियों तक पहुंचाने की योजना पर कार्य कर रही है। साथ ही मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला स्तर पर विशेष कोचिंग व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
उन्होंने गांव में संचालित निशुल्क सीएससी सेंटर की भी सराहना की और ग्रामीणों से इसका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही विद्यालय भूमि संबंधी विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने की अपील करते हुए कहा कि इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का ग्रामीणों द्वारा पगड़ी पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक, खंड शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र नेहरा सहित अनेक गणमान्य जन मौजूद रहे।

Girish Saini 

