रोहतक की जिम्मेदारी ने दी यादगार सीखें, लोगों का फीडबैक हमेशा आया कामः सचिन गुप्ता
पूर्व उपायुक्त को एचयूडब्लयूजे ने किया सम्मानित।
रोहतक, गिरीश सैनी। अंबाला के उपायुक्त एवं रोहतक के पूर्व उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि रोहतक में बिताया करीब एक वर्ष उनके प्रशासनिक जीवन का ऐसा अनुभव रहा, जो हमेशा विशेष रहेगा। रोहतक में उपायुक्त के रूप में मिली पहली जिम्मेदारी ने उन्हें प्रशासनिक स्तर पर बहुत कुछ सीखने का अवसर दिया। वहीं, लोगों से मिले सहयोग, अपनत्व और जमीनी फीडबैक ने जनसमस्याओं को बेहतर ढंग से समझने और उनके समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आईएएस सचिन गुप्ता रोहतक में हरियाणा यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (एचयूडब्लयूजे) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रोहतक से जुड़ी अपनी यादें साझा करते हुए कहा कि यहां के लोगों के साथ काम करना उनके लिए सीखने का महत्वपूर्ण अनुभव रहा।
उन्होंने कहा कि रोहतक में उनकी पहली पोस्टिंग उपायुक्त के रूप में हुई थी, इसलिए यह जिला उनके लिए हमेशा खास रहेगा। लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ विभिन्न मुद्दों पर जमीनी स्तर की जानकारी और फीडबैक भी दिया। कई बार समय पर मिली यह जानकारी किसी समस्या की वास्तविक स्थिति समझने और उसका त्वरित एवं प्रभावी समाधान करने में बेहद उपयोगी साबित हुई।
इससे पहले एचयूडब्लयूजे के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन कथूरिया ने सचिन गुप्ता का स्वागत करते हुए कहा कि उपायुक्त के रूप में उनका कार्यकाल आम लोगों के लिए सहज उपलब्धता और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैये के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुप्ता ने प्रशासन और समाज के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में प्रभावी भूमिका निभाई।
समारोह में एचयूडब्लयूजे की ओर से आईएएस सचिन गुप्ता को स्मृति चिह्न भेंट कर तथा शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। प्रदेश कोषाध्यक्ष लोकेश जैन ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारी व सदस्य, वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मनोज गोयल, उद्योगपति राजेंद्र बंसल सहित शहर के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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आईएएस सचिन गुप्ता ने कहा कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद जितना मजबूत होगा, समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने की प्रक्रिया उतनी ही प्रभावी होगी। रोहतक में उन्हें लोगों के बीच जाकर उनकी बात सुनने और विभिन्न मुद्दों पर सीधे फीडबैक लेने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में काम करने का अवसर मिलता है, लेकिन कुछ स्थान अपने अनुभव और लोगों के सहयोग के कारण हमेशा स्मृतियों में बने रहते हैं। रोहतक उनके लिए ऐसा ही जिला है।

Girish Saini 

