रीवा की घटना के विरोध में जैन समाज ने किया मौन प्रदर्शन

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन। 

रीवा की घटना के विरोध में जैन समाज ने किया मौन प्रदर्शन

रोहतक, गिरीश सैनी। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में दो जैन साध्वियों के सड़क दुर्घटना में देवलोक गमन के बाद जैन सभा द्वारा को शहर में मौन धारण कर विरोध जताया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में जैन समाज की महिलाएं व पुरुष शामिल हुए। 

मौन प्रदर्शन झज्जर रोड स्थित दिगम्बर जैन जती जी से शुरू होकर उपायुक्त कार्यालय तक गया, जहां उपायुक्त सचिन गुप्ता के माध्यम से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। 

मौन प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए जैन सभा के प्रधान रवि जैन व सचिव मनीष जैन ने बताया कि 20 मई को रीवा में आर्यिका श्रुतमति माताजी और आर्यिका सौम्यमति माताजी को एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दोनों साध्वियों की मृत्यु हो गई। घटना के बाद देशभर के जैन समाज में दुख और आक्रोश का माहौल है। 

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जो स्वयं निहत्थे होकर भी मानवता को अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं, उनकी सुरक्षा करना समाज और शासन - दोनों का नैतिक दायित्व है। जैन साधु किसी प्रकार की सुरक्षा या सुविधाओं का उपयोग नहीं करते तथा समाज में शांति, संयम और अहिंसा का संदेश प्रसारित करते हैं। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा साधु-साध्वियों की यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने व संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तुरंत लागू करने की मांग की गई। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत साध्वियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और न्याय की मांग दोहराई।