महंगाई की मार और बिजली-पानी की किल्लत से पूरे हरियाणा में मचा हाहाकार: पूर्व सीएम हुड्डा 

महंगाई की मार और बिजली-पानी की किल्लत से पूरे हरियाणा में मचा हाहाकार: पूर्व सीएम हुड्डा 

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि महंगाई की मार और बिजली-पानी की किल्लत के चलते पूरे हरियाणा में हाहाकार मचा हुआ है। बीजेपी सरकार ने 10 दिन के भीतर पेट्रोल-डीजल के दाम में साढ़े 7 रुपये की बढ़ोत्तरी कर डाली, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटती जा रही है। 

हुड्डा ने कहा कि ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि बीजेपी सरकार कांग्रेस के मुकाबले दोगुना टैक्स वसूल रही है। कांग्रेस सरकार के टाइम जो प्रदेश में तेल पर वैट 9 प्रतिशत था, उसे बीजेपी ने बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया। तेल की कीमतें बढ़ने के चलते तमाम वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। खाने-पीने के सामान से लेकर खेती की लागत तक बढ़ती जा रही है। लेकिन किसानों की एमएसपी को नहीं बढ़ाया जा रहा। 

स्थानीय डीपार्क स्थित निवास मातुराम भवन में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हुड्डा ने कहा कि महंगाई के चलते गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की खरीद क्षमता घटी है, बचत कम हो रही है और दैनिक जीवन की लागत आसमान छू रही है। कांग्रेस सरकार के समय घरेलू एलपीजी सिलेंडर मात्र ₹400 के आसपास मिलता था, जो 1000 पर पहुंच चुका है। कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल ₹70 और डीजल ₹50-55 प्रति लीटर था, जो अब 100 पार कर चुका है। यानी कांग्रेस ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी महंगाई को कंट्रोल में रखा और जनता को राहत दी, लेकिन बीजेपी मुश्किल समय में जनता की जेब काटने में लगी है। 

इसी तरह कमर्शियल 19 किलो सिलेंडर के रेट मार्च में ₹114.50, अप्रैल में ₹195.50 और 1 मई को ₹991 की बढ़ा दिए गए। यानी दाम में कुल ₹1300+ का उछाल हुआ है। माइग्रेंट वर्कर्स वाले 5 किलो चोटू सिलेंडर भी 241 रुपये महंगा हो गया है, जिसके चलते प्रवासी मजदूर वापिस अपने गांव जा रहे हैं।

अप्रैल 2026 में डब्ल्यूपीआई थोक महंगाई 8.3% पहुंच गई, जो 42 महीने का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है। ये सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि ये बताता है कि जनता के रोजमर्रा इस्तेमाल में आने वाली चीज़ों के रेट कितनी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। 

हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार प्रदेश की जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। खुद पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने सरकार को आईना दिखाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ता हालत पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में डॉक्टरों की भारी कमी है।मेडिकल ऑफिसर और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के सैंकड़ों पद वर्षों से खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती करने में कोई रुचि नहीं दिखा रही। जिला अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कोर्ट को यह कहना पड़ा कि प्रत्येक जिला अस्पताल में कम से कम एक सीटी स्कैन मशीन, एक एमआरआई मशीन और आईसीयू की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। पूर्व सीएम ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में अन्य सुविधाएं देना तो दूर, बेड की चादर तक नहीं बदली जाती। 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज पूरा हरियाणा बिजली संकट का सामना कर रहा है। जबकि दूसरी तरफ सरकार बिना बिजली खरीदे सैंकड़ों करोड़ रुपया लुटाने में लगी है। सरकार ने 1 यूनिट बिजली लिए बिना, 1345 करोड़ रुपए का भुगतान कर डाला। मामला सिक्किम के तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड से जुड़ा है। हैरानी की बात है कि तिस्ता को बिना कैबिनेट, मुख्यमंत्री, बिजली मंत्री की मंजूरी के इतना रुपया दे दिया गया। 

हुड्डा ने दोहराया कि लगातार बीजेपी हरियाणा की नौकरियां अन्य राज्य के लोगों में बांट रही है, जबकि हरियाणा देश का सबसे ज्यादा बेरोजगारी वाला राज्य है। युवा बेरोजगारी से त्रस्त होकर अपनी जान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब रोडवेज कर्मी भी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर है। कर्मचारियों की मांगे जायज है, क्योंकि वह परिवहन विभाग के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं और रोडवेज के बेड़े में 10,000 नई बसें शामिल करने की मांग उठा रहे हैं। विभाग में कर्मचारियों का भी भारी टोटा है। जो हरियाणा रोडवेज कांग्रेस सरकार के समय देश की सबसे शानदार और सुरक्षित सवारी थी,  उसे बीजेपी ने निजी हाथों में सौंप कर लगभग पूरी तरह समाप्त कर दिया है

यही नहीं, प्रदेश के 96 एडिड (सरकारी सहायता प्राप्त) कॉलेजों के 1550 शिक्षकों को अब तक 2 महीने का वेतन तक नहीं मिला और शिक्षकों का 65 करोड़ का वेतन लटका हुआ है।