विभाजन की विभीषिका हमें सिखाती है - नफरत नहीं, एकता और मानवता अपनाएं : वीसी डॉ. एच.के. अग्रवाल
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर यूएचएसआर में भावपूर्ण आयोजन, ओपीडी में देशभक्ति से सजी विशाल रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र।
रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि (यूएचएसआर) में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस श्रद्धा, संवेदना और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया।
बतौर मुख्य अतिथि, कुलपति प्रो. डॉ. एच.के. अग्रवाल ने विभाजन की त्रासदी से सीख लेते हुए एकता, सद्भाव और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। इस मौके पर पीजीआईएमएस की ओपीडी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विशाल देशभक्ति रंगोली लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। तिरंगे के रंगों से सजी रंगोली में शहीदों और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। मरीजों और तीमारदारों सहित उपस्थित जन ने रंगोली के साथ फोटो और सेल्फी लेकर इस याद को अपने मोबाइल में संजोया।
कुलपति प्रो. डॉ. एच.के. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभाजन की त्रासदी हमें मानवता, एकता और सद्भाव की सबसे बड़ी सीख देती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भविष्य के चिकित्सक हैं और एक चिकित्सक मरीज की जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखता, बल्कि उसके सामने केवल एक मनुष्य और उसका दर्द होता है। उन्होंने कहा कि यही चिकित्सा की आत्मा और मानवता का मूल भाव है। विभाजन की स्मृति का उद्देश्य किसी के प्रति नफरत पैदा करना नहीं, बल्कि अतीत की पीड़ा से सीख लेकर बेहतर भविष्य का निर्माण करना है। उन्होंने विभाजन के दौरान प्राण गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए इतिहास को याद रखेंगे, नफरत को नहीं का संदेश दिया।
कुलसचिव डॉ. रूपसिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों की स्मृति को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ शक्तियां अपने स्वार्थ के लिए समाज को बांटने का प्रयास करती हैं। ऐसे में इतिहास से सबक लेकर देश और समाज की एकता एवं मजबूती के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना आवश्यक है।
पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि इतिहास को पढ़ना और समझना जरूरी है, क्योंकि इसके माध्यम से नई पीढ़ी अतीत की घटनाओं और उनके प्रभावों को जान सकती है। उन्होंने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने की पहल को महत्वपूर्ण बताया। डीन डॉ. अशोक चौहान ने विभाजन के कारणों और उसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ ने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य नफरत फैलाना नहीं, बल्कि विभाजन की पीड़ा को समझना और भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न होने देने का संकल्प लेना है।
डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं में करीब 180 विद्यार्थियों ने भाग लिया। लगभग 12 घंटे की मेहनत से विशाल रंगोली तैयार की। विद्यार्थियों ने पोस्टर, शॉर्ट वीडियो और भाषणों के माध्यम से विभाजन की पीड़ा को समाज के सामने रखने का प्रयास किया।
जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि लगभग 12 घंटे की मेहनत से ओपीडी में विशाल रंगोली तैयार की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजूनाथ और डॉ. हरनीत सिंह ने किया। विशेष वक्ता डॉ. देवेंद्र सिंह ने देश के प्रति प्रेम और सेवा भावना को जीवन में उतारने का आह्वान किया। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, प्राचार्या डॉ. मनु राठी सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

Girish Saini 

