कैंसर से डरने के बजाय लड़ें, समय पर जांच जरूरीः डॉ. संजय
अमेरिका से पहुंची पूर्व छात्रा डॉ. विदु ने ब्रेस्ट लॉबुलर कार्सिनोमा पर दिया व्याख्यान
रोहतक, गिरीश सैनी। यूएचएसआर में आयोजित दो दिवसीय ब्रेस्ट पैथोलॉजी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस रविवार को संपन्न हुई। समापन सत्र में विशेषज्ञों ने कैंसर की जल्द पहचान और समय पर उपचार को लेकर लोगों को जागरूक किया।
पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं आयोजन सचिव डॉ. संजय कुमार ने कहा कि बीमारी के डर से जांच से बचना समस्या को बढ़ाता है। उन्होंने लोगों से कैंसर ही नहीं, बल्कि ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी सामान्य स्वास्थ्य जांच भी नियमित रूप से कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि कैंसर से डरना नहीं, उससे लड़ना है।
कॉन्फ्रेंस में पीजीआईएमएस की पूर्व छात्रा और अमेरिका में कंसल्टेंट पैथोलॉजिस्ट डॉ. विदु कौशिक ने लॉबुलर कार्सिनोमा ऑफ ब्रेस्ट पर विशेष व्याख्यान दिया। 2015 से अमेरिका के ओएसएफ सेंट फ्रांसिस मेडिकल सेंटर, पियोरिया में कार्यरत डॉ. विदु एनाटॉमिक व क्लीनिकल पैथोलॉजी सहित कई क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखती हैं।
डॉ. विदु ने कहा कि अमेरिका में एक डॉक्टर का रोजाना करीब 10 मरीज देखना भी अधिक माना जाता है और एक मरीज को 30 से 60 मिनट दिए जाते हैं। वहीं, सीमित संसाधनों के बावजूद भारत में चिकित्सक बेहतर काम कर रहे हैं।
आयोजन अध्यक्षा डॉ. सुनीता सिंह ने महिलाओं को नियमित रूप से ब्रेस्ट की स्वयं जांच करने की सलाह दी। हाई-रिस्क महिलाओं को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार साल में एक बार एमआरआई कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि पीजीआईएमएस में जीन और मॉलिक्यूलर स्तर पर काम शुरू किया जा रहा है, जिससे टारगेटेड थेरेपी में मदद मिलेगी।
कॉन्फ्रेंस में कैंसर की पहचान और उपचार को लेकर रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, ऑंको सर्जरी, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी विशेषज्ञों ने मल्टीडिसीप्लिनरी पैनल चर्चा की। विशेषज्ञों ने बायोप्सी और सही मार्कर की पहचान को सटीक उपचार की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। डॉ. रजनीश कालरा ने कहा कि कैंसर की जरा भी आशंका होने पर झोलाछाप के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
इस दौरान जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ मंजूनाथ बी.सी., डॉ. वीना गुप्ता, डॉ. मीनू गिल, डॉ. सत प्रकाश कटारिया, डॉ. सुमिति गुप्ता, डॉ. सोनिया छाबड़ा, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. प्रोमिल जैन, डॉ. रेणुका वर्मा, डॉ. रिचा, डॉ. उषा सहित प्रतिभागी मौजूद रहे।

Girish Saini

