चिकित्सा शोध के लिए मरणोपरांत पूर्व सरपंच की देह दान की परिजनों ने

चिकित्सा शोध के लिए मरणोपरांत पूर्व सरपंच की देह दान की परिजनों ने

रोहतक, गिरीश सैनी। समाज सेवा के प्रति समर्पण और मानवता की भावना का उदाहरण पेश करते हुए पूर्व सरपंच कॉमरेड स्व. भरत सिंह खटकड़ के परिजनों ने मरणोपरांत उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को मेडिकल रिसर्च के लिए पीजीआईएमएस, रोहतक के एनाटॉमी विभाग में दान किया है। 80 वर्षीय कॉमरेड स्व. भरत सिंह खटकड़ का निधन 5 मार्च  को हो गया था। उनके पुत्र राकेश खटकड़ ने बताया कि अखिल भारतीय किसान सभा के नेता और माकपा के सदस्य रहे उनके पिता ने हमेशा किसानों और मजदूरों के हितों के लिए संघर्ष किया।

राकेश ने बताया कि उनके पिता ने मरणोपरांत अपना शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान करने की इच्छा जताई थी, जिसे परिजनों ने पूरा किया। उनके पिता अन्य लोगों को भी अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित करते थे।

शुक्रवार को पीजीआईएमएस, रोहतक में उनका शरीर मेडिकल छात्रों की रिसर्च के लिए दान किया गया। बॉडी डोनेशन इंचार्ज डॉ कमल सिंह ने बताया कि उनका ये निर्णय समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि देहदान एक महान कार्य है, जिससे मेडिकल छात्रों को सीखने का अवसर मिलता है और भविष्य में वे बेहतर डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर सकते हैं। इस दौरान डॉ. आरती ने भी लोगों से अंगदान व देहदान के लिए आगे आने की अपील की। डॉ गोपाल ने बताया कि अंगदान का इच्छुक व्यक्ति चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में कमरा नं. 17 स्थित स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन में जाकर अंगदान का शपथ पत्र ऑनलाइन भर सकता है। इस दौरान डॉ सुमन, डॉ अंजू, डॉ सोनिया बेनीवाल, डॉ एलेक्स लॉरेंस, डॉ संजय कुमार, डॉ नम्रता कौशिक, डॉ शंकर और डॉ आयुष मौजूद रहे।