पढ़ाने के साथ भविष्य गढ़ने वाले मार्गदर्शक भी बनें शिक्षकः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ

एमडीयू में गुरु दक्षता कार्यक्रम में 15 राज्यों के 156 शिक्षक लेंगे प्रशिक्षण।

पढ़ाने के साथ भविष्य गढ़ने वाले मार्गदर्शक भी बनें शिक्षकः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ

रोहतक, गिरीश सैनी। आज का शिक्षक केवल विषय ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का नेतृत्व करने वाला मार्गदर्शक है। बदलती वैश्विक चुनौतियों के बीच शिक्षकों को एनईपी-2020 के अनुरूप खुद को स्किल्ड, टेक्नोलॉजी फ्रेंडली और रिसर्च ओरिएंटेड बनाना होगा। ये विचार एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी) के तत्वावधान में सोमवार से शुरू हुए चार सप्ताह के फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम- गुरु दक्षता का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने शिक्षकों से कक्षाओं को इंटरएक्टिव, जिज्ञासापूर्ण और ज्ञानवर्धक बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि वैल्यू बेस्ड व स्किल बेस्ड शिक्षा आज की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच, प्रभावी शोध, आईसीटी, ई-लर्निंग और एलएमएस के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक तकनीकी रूप से दक्ष बनें और शोध, प्रौद्योगिकी व शिक्षण को जोड़कर विद्यार्थियों को समकालीन चुनौतियों के लिए तैयार करें।

उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों, रिसर्च ओरिएंटेशन और डिजिटल तकनीकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षकों के शिक्षण और शोध कौशल को नई दिशा देगा। 

एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग ने स्वागत भाषण में बताया कि 27 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देश के 15 राज्यों से 150 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। ये कार्यक्रम युवा शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, शोध, शैक्षिक प्रौद्योगिकी और नेतृत्व विकास के लिए तैयार करेगा, जिसमें 60 से अधिक विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।

उप-निदेशक डॉ. माधुरी हुड्डा ने यूजीसी-एमएमटीटीसी द्वारा संचालित प्रशिक्षण, अभिविन्यास और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण, शोध और तकनीकी दक्षताओं से सशक्त बनाना है।

पहले दिन आयोजित शैक्षणिक सत्रों में केंद्रीय विवि हरियाणा के पूर्व कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ तथा एमडीयू के प्रो. के.के. शर्मा ने उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य, शिक्षकों की बदलती भूमिका, शोध की उपयोगिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के प्रभावी आयामों पर अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों को नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. सुनील देवी खरब तथा एमडीयू-सीपीएएस, गुरुग्राम के डॉ. संदीप अग्रवाल ने किया। उद्घाटन सत्र में  फैकल्टी ऑफ एजुकेशन के डीन प्रो जितेंद्र कुमार, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षकों सहित देशभर से जुड़े प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की।