शिक्षक ज्ञान ही नहीं, चरित्र और भविष्य भी गढ़ते हैं- डॉ. विनोद कुमार

बीएमयू में शिक्षक दिवस समारोह, शिक्षकों के योगदान को किया नमन।

शिक्षक ज्ञान ही नहीं, चरित्र और भविष्य भी गढ़ते हैं- डॉ. विनोद कुमार

रोहतक, गिरीश सैनी। बाबा मस्तनाथ विवि, अस्थल बोहर में शनिवार को शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया। विमेन स्टडी सेंटर, कल्चरल कमेटी और आईक्यूएसी सेल के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा की गई।

कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा पास करना या रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और संस्कारित नागरिक तैयार करना है। उन्होंने कहा कि तकनीक और शिक्षा के बदलते स्वरूप के दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्हें स्वयं को निरंतर अपडेट रखते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और मूल्यपरक शिक्षा देनी होगी।

पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और शिक्षक के महत्व को रेखांकित किया। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की गईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।

मंच संचालन डॉ. कोमल ने किया। इस दौरान डीन शैक्षणिक मामले डॉ. नवीन कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश सिंगला, निदेशक आईक्यूएसी डॉ अरूप गिरी, डीएसडब्लू डॉ. सुधीर मलिक सहित डीन, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य और संकाय सदस्य मौजूद रहे।