हिसार में गरजे प्रदेश के शिक्षक, बोले- पद खत्म करने की बजाय भरे सरकार

उच्च शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ एचफक्टो का दूसरा राज्य स्तरीय प्रदर्शन।

हिसार में गरजे प्रदेश के शिक्षक, बोले- पद खत्म करने की बजाय भरे सरकार

हिसार, गिरीश सैनी। प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में हजारों स्वीकृत पद खाली हैं और सरकार उन्हें भरने के बजाय खत्म करने पर आमादा है—इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उच्च शिक्षा के निजीकरण और चार वर्ष से रिक्त स्वीकृत पदों को समाप्त करने के फैसले के खिलाफ हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशंस (एचफक्टो) ने मंगलवार को गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्चुअल शिक्षक और छात्र संगठनों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

एचफक्टो के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र खटकड़ ने कहा कि 17 अगस्त 2026 का वह सरकारी पत्र तत्काल वापस लिया जाए, जिसके तहत चार वर्ष से रिक्त स्वीकृत पदों को समाप्त करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर को कुरुक्षेत्र विवि से शुरू हुआ यह आंदोलन जीजेयू के बाद प्रदेश के अन्य राज्य विवि तक ले जाया जाएगा।

संगठन ने विश्वविद्यालयों को पूर्ण वित्तीय सहायता देने, सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां करने, सेल्फ फाइनेंसिंग पदों व कर्मचारियों को बजटेड व्यवस्था में लाने, पात्र कर्मचारियों को ओपीएस देने तथा सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग की।

एचफक्टो महासचिव डॉ. दयानंद मलिक ने कहा कि बजट में लगातार कटौती से प्रदेश के विवि आर्थिक संकट में हैं, जिसका असर कर्मचारियों के वेतन और विद्यार्थियों की फीस पर पड़ रहा है। एआईफक्टो उपाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र चाहर ने एनईपी के नाम पर पब्लिक-प्राइवेट फंडिंग मॉडल को बढ़ावा देने पर चिंता जताई।

गजूटा प्रधान एवं एचफक्टो उपाध्यक्ष इंजीनियर विनोद गोयल ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश राज्य विश्वविद्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षण पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पद खत्म करने के बजाय नियमित भर्तियां की जानी चाहिए। एचफक्टो ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस दौरान प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे विभिन्न छात्र संगठनों ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने, फीस रेगुलेटरी बोर्ड बनाने और सेल्फ फाइनेंसिंग पाठ्यक्रमों को बजटेड व्यवस्था में लाने की मांग की।