एमडीयू में करियर सफलता के गुर, आत्म-जागरूकता और निरंतर सीखने पर जोर

एमडीयू में करियर सफलता के गुर, आत्म-जागरूकता और निरंतर सीखने पर जोर

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कंप्यूटर साइंस एवं एप्लिकेशन्स विभाग में मंगलवार को करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीसीपीसी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को करियर सफलता के साथ जीवन कौशल विकसित करने के गुर बताए गए।

बतौर मुख्य अतिथि एवं विशेषज्ञ वक्ता, डॉ. जगमोहन मल्होत्रा ने कहा कि सफलता के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। आत्म-जागरूकता, दृढ़ संकल्प, एकाग्रता, जिज्ञासा और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से सुनने, आसपास के माहौल से सीखने और निरंतर अपने कौशल विकसित करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि आत्मचिंतन से व्यक्ति अपनी खूबियों, कमियों और लक्ष्यों को बेहतर ढंग से समझ सकता है। साथ ही, मानसिक और शारीरिक संतुलन, दबाव में सही निर्णय और सकारात्मक सोच सफलता की राह आसान बनाते हैं।

सीपीसीसी निदेशिका प्रो. दिव्या मल्हान ने करियर मार्गदर्शन को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। विभागाध्यक्षा प्रो. प्रीति गुलिया ने संवाद कौशल, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। डॉ. सुखविंदर सिंह देवड़ा ने धन्यवाद किया।