19वें एमआईएफएफ में होगी सुपवा की शॉर्ट फिल्म व डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग

19वें एमआईएफएफ में होगी सुपवा की शॉर्ट फिल्म व डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक द्वारा बनवाई गई शॉर्ट फिल्म व डॉक्यूमेंट्री को 19वें मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (एमआईएफएफ) में स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। मुंबई में उनकी स्क्रीनिंग 17 जून को होगी। चयन समिति ने सुपवा की एक शॉर्ट फिल्म व दो डॉक्यूमेंट्री का चयन किया है, जिनका निर्माण विवि में पढ़ रहे छात्रों ने किया है, जबकि सुपवा इनकी प्रॉड्यूसर है।

कुलपति डॉ अमित आर्य ने बताया कि शॉर्ट फिल्म -जंगली रानी, डॉक्यूमेंट्री -तालमेल व रोहतक मेरा शहर की चयन एमआईएफएफ में स्क्रीनिंग के लिए हुआ है। इनका निर्माण फिल्म एवं टेलीविजन फैकल्टी के 2022 व 2023 बैच के छात्रों ने किया है। इसके निर्माण में अदाकारी, म्यूजिक, ड्रेस डिजाइनिंग से लेकर डायरेक्शन तक की जिम्मेदारी स्वयं छात्रों ने निभाई है। उन्होंने कहा कि विवि की फिल्मों का इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंचना सुपवा परिवार के लिए खुशी की बात है।

डॉक्यूमेंट्री -रोहतक मेरा शहर तीन छात्रों की दिल छूने वाली यात्रा दिखाती है, जो उच्च शिक्षा की खोज में अपने शहर को छोड़ देते हैं। नए शहर की अनजान सड़कों पर अपना रास्ता ढूंढते हैं, तो खुद को तरस और खोज के बीच फंसा पाते हैं। संघर्ष, दोस्ती और आत्म-मान्यता के पलों के जरिए, उनके लिए घर की तलाश एक जगह से एक भावना में बदल जाती है। इसका निर्देशन 2023 डायरेक्शन बैच के छात्र विनायक शर्मा ने किया है। ऑडियोग्राफर गौतम बेनीवाल और एडिटर रजत व सिनेमेटोग्राफर वामसी है।

 

वहीं, डॉक्यूमेंट्री -तालमेल किशोर लड़कों की कहानी पर फोकस करती है, जो अपने और परिवार के खाने-पीने के लिए डफली बजाकर कमाई करते हैं। संगीत की यात्रा के दौरान उन्हें सैकड़ों अजनबी मिलते हैं। संगीत उनके जीवित रहने व भावनाओं को व्यक्त करने का जरिया बनता है, वहीं इन्हें लगातार सामाजिक उपेक्षा व अपनी उम्र से अधिक कठिन हकीकतों का सामना करना पड़ता है। इसका निर्देशन 2023 डायरेक्शन बैच की छात्रा अनुष्का गुप्ता ने किया, जबकि संगीत शंकर व वीर ने दिया है। सिनेमेटोग्राफर प्रतीक तिवारी, साउंड डिजाइनर करूण अरोड़ा व एडिटर दिनेश कुमार है।

 

इसके अलावा, शॉर्ट फिल्म -जंगली रानी सिनेमा की चमक-धमक के पीछे शोषण और अमानवीयता को उजागर करती है। समाज को आईना दिखाती इस शॉर्ट फिल्म में दिखाया गया है कि जब कला के नाम पर संवेदनाएं कुचल दी जाती हैं तो इंसानियत हार जाती है। इसका निर्देशन 2022 डायरेक्शन बैच की छात्रा नव्या हयरन ने किया है। सिनेमेटोग्राफर कार्तिक पंडित, साउंड डिजाइनर रवि, प्रोडक्शन डिजाइनर ऋषभ अरोड़ा, एडिटर करण भारद्वाज, आर्ट डायरेक्टर सिमरन सांगवान और कॉस्ट्यूम डिजाइन रिया है। हंशा, मोहम्मद नूरुद्दीन हसन ने अभिनय किया है।