फरीदाबाद में आयोजित आर्किटेक्चरल थिसिस प्रदर्शनी में सुपवा के प्रोजेक्ट्स को मिली सराहना
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, फरीदाबाद सेंटर द्वारा लगाई गई आर्किटेक्चरल थिसिस प्रदर्शनी - प्रकृति 2026 में दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) के छात्रों द्वारा शोकेस किए थिसिस प्रोजेक्ट्स ने विशेषज्ञों की तारीफ बटोरी।
रोहतक, गिरीश सैनी। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, फरीदाबाद सेंटर द्वारा लगाई गई आर्किटेक्चरल थिसिस प्रदर्शनी - प्रकृति 2026 में दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) के छात्रों द्वारा शोकेस किए थिसिस प्रोजेक्ट्स ने विशेषज्ञों की तारीफ बटोरी।
सुपवा के फैकल्टी ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से बैचलर इन आर्किटेक्चर के फाइनल ईयर के छात्रों नवनीत व शिवम ने इस प्रदर्शनी में विवि का प्रतिनिधित्व किया। इन छात्रों ने -प्रकृति 2026 में अपने थिसिस प्रोजेक्ट्स को शोकेस किया। इनके साथ फैकेल्टी सदस्य आर्किटेक्ट हिमांशु व आर्किटेक्ट विजय प्रकाश भी मौजूद रहे।
छात्रों ने इस आयोजन में शिरकत करने के लिए कुलपति डॉ अमित आर्य व कुलसचिव डॉ गुंजन मलिक मनोचा का आभार जताते हुए कहा कि कार्यक्रम में जाकर उन्हें सीखने, नेटवर्क बनाने व आर्किटेक्चरल समुदाय में अपने विवि का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इस दौरान उन्हें देश के करीब 350 प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स और प्रोफेशनल्स से मिलने का अवसर मिला, जिन्होंने सुपवा के छात्रों के थिसिस प्रोजेक्ट्स के बारे में करीब से जाना और उनकी सराहना की।
एफसी अजय बाहु जोशी ने बताया कि -प्रकृति-2026 में ग्रीन बिल्डिंग, पर्यावरण संरक्षण व आधुनिक वास्तुकला की चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस दौरान ऊर्जा बचत, जल संरक्षण और हरित निर्माण तकनीकों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। पर्यावरण अनुकूल निर्माण को बढ़ावा देने और आगामी वर्षों में ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा को अधिक व्यापक बनाने का आह्वान मौजूद आर्किटेक्ट्स से किया गया।
Girish Saini 


