बनारसी साड़ी की विरासत को नए रूप में पेश किया सुपवा की छात्रा लाजमी ने
नोएडा में आयोजित इंटर-यूनिवर्सिटी फैशन डिजाइन प्रतियोगिता मे मिली सराहना।
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा), रोहतक के फैशन डिजाइन विभाग की छठे सेमेस्टर की छात्रा लाजमी के डिजाइन को एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा में आयोजित इंटर-यूनिवर्सिटी फैशन डिजाइन प्रतियोगिता में खूब सराहना मिली। एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 22 विवि ने भाग लिया।
सुपवा की छात्रा लाजमी ने बनारसी साड़ी की विरासत को नए अंदाज में पेश किया। उन्होंने बनारसी शिल्पकला की समृद्ध विरासत को उजागर करने के साथ ही पारंपरिक कपड़े को आधुनिक फैशन रूप में पुनर्चक्रित करके स्थिरता को बढ़ावा दिया। लाजमी ने कहा कि सुपवा फैकल्टी के सहयोग व मार्गदर्शन के बिना इस प्रतियोगिता में भाग लेना संभव नहीं था।
कुलपति डॉ अमित आर्य ने कहा कि राष्ट्रीय मंचों पर सुपवा की छात्रा की भागीदारी और वहां सभी का ध्यान अपने डिजाइन की ओर खींचते हुए वाहवाही बटोरना वास्तव में सभी के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंचों पर भी सुपवा के विद्यार्थी अपनी रचनात्मक क्षमता को प्रदर्शित करते रहेंगे। कुलपति डॉ आर्य ने कहा कि लाजमी के डिजाइन में जिस तरह सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक फैशन के सौंदर्यशास्त्र के साथ सफलतापूर्वक मिलाया गया है, वह कला की रचनात्मकता और फैशन डिजाइन में पर्यावरण के प्रति जागरूक दृष्टिकोण का परिचायक है।
कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए छात्रा लाजमी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
डिजाइन डिपार्टमेंट की एफसी डॉ शैली खन्ना ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान युवा डिजाइनरों को अपनी रचनात्मकता और नवाचार सभी के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिला। लाजमी का काम अनोखी अवधारणा और सोच-समझकर तैयार किए गए डिजाइन दृष्टिकोण के चलते आगंतुकों और प्रतिभागियों के बीच लगातार सुर्खियां बटोरता रहा। सहायक प्रोफेसर दीपशिखा ने बताया कि लाजमी के बनारसी साड़ी की विरासत पर आधारित डिजाइन में उन्होंने पारंपरिक वस्त्र को रचनात्मक रूप से विक्टोरियन शैली के गाउन में बदल दिया।

Girish Saini 

