पॉश एक्ट और मेंटल हेल्थ पर पीजीआईडीएस में विशेष व्याख्यान आयोजित
मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा जरूरीः प्राचार्या डॉ. मनु राठी
रोहतक, गिरीश सैनी। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस), रोहतक में मंगलवार को इंटरनल कंप्लेंट कमेटी के तहत पॉश एक्ट तथा एंटी-रैगिंग कमेटी द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
बतौर मुख्य वक्ता, इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ की सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रीति सिंह ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न विषय पर जानकारी दी और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013, इंटरनल कंप्लेंट कमेटी का गठन, इसकी शक्तियां क्या हैं और पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि हर संस्थान में महिलाओं के लिए सुरक्षित, गरिमामय और भयमुक्त वातावरण बनाना प्रबंधन एवं सभी कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। पॉश एक्ट केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि कार्यस्थल की संस्कृति को संवेदनशील बनाने का माध्यम है।
दूसरे सत्र में एंटी-रैगिंग कमेटी द्वारा मेंटल हेल्थ व स्ट्रेस मैनेजमेंट पर व्याख्यान में डॉ. पुरुषोत्तम ने स्ट्रेस मैनेजमेंट पर बात करते हुए योग, मेडिटेशन, डिसफंक्शनल थॉट्स की पहचान व प्रबंधन, हेल्दी डाइट और संतुलित लाइफस्टाइल की भूमिका को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक और तेज-रफ्तार जीवनशैली में तनाव आम हो गया है। नियमित योग-प्राणायाम, सकारात्मक सोच और समय प्रबंधन से तनाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
वहीं, डॉ. भूपेंद्र सिंह ने तनाव के शुरुआती लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि लगातार थकान, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी, एकाग्रता में कमी और भूख न लगना मानसिक तनाव के संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से डिप्रेशन व अन्य शारीरिक बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए समय पर काउंसलिंग और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।
डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मनु राठी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आज विद्यार्थी, फैकल्टी और स्टाफ सभी किसी न किसी स्तर पर तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पॉश एक्ट की जानकारी हर कर्मचारी के लिए अनिवार्य है, ताकि कार्यस्थल सुरक्षित रहे। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा होना भी जरूरी है।
डॉ. भावना ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान इंटरनल कंप्लेंट कमेटी व एंटी-रैगिंग कमेटी के सदस्य, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, पीजी छात्र एवं पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

Girish Saini 

